पति पर तेजाब फेंकने की दोषी पत्नी को 3 साल कैद

गांव मोटासरखूनी का मामला, दो आरोपित हुए बरी

श्रीकरणपुर.

गांव मोटासरखूनी में सोए हुए पति पर तेजाब फेंककर चेहरा विकृत व अंग भंग करने में दोषी पाई गई पत्नी को न्यायालय ने शनिवार को तीन वर्ष की सजा व तीन हजार रुपए के आर्थिक दंड की सजा सुनाई। प्रकरण में दो अन्य अभियुक्तों को संदेह का लाभ देकर बरी भी किया गया है।

यह है मामला
अधिवक्ता संजय गुप्ता ने बताया कि गांव मोटासरखूनी के प्रेम कुमार उर्फ भूरा राम जाति नायक ने 8 जून 2011 को श्रीगंगानगर के राजकीय चिकित्सालय में उपचार के दौरान पर्चा बयान दिया था कि 6 जून की रात को वह घर में सोया हुआ था। उसकी 6 वर्षीय बेटी भी पास ही सोई हुई थी। इस दौरान आधी रात को किसी ने उसके सिर, चेेहरे व शरीर के अन्य अंगों पर तेजाब डाल दिया। इससे उसका चेहरा विकृत होने के अलावा बाई आंख से दिखाई देना बंद हो गया।

परिवादी ने बयान में बताया था कि घटना के करीब आधे घंटे बाद उसकी पत्नी ने उसे संभाला और किसी ग्रामीण की मदद से उसे गजसिंहपुर के सरकारी हॉस्पीटल पहुंचाया। पर्चा बयान में परिवादी ने तेजाब डालने के लिए किसी का नाम स्पष्ट रूप से नहीं बताया लेकिन पत्नी के चाल-चलन पर संदेह जताया था। मामले में पुलिस ने अनुसंधान के दौरान प्रेम कुमार की पत्नी रज्जी देवी, गांव की ही निवासी सावित्री देवी व गजसिंहपुर निवासी प्रदीप अरोड़ा को भी अभियुक्त बनाकर मामला दर्ज किया।

गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपितों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया गया। एडीजे हरिवल्लभ खत्री ने मंगलवार को सुनवाई के बाद सावित्री व प्रदीप अरोड़ा को संदेह का लाभ देकर दोष मुक्त करार दिया। वहीं, रज्जी देवी को धारा 326 आईपीसी में तीन साल की सजा व तीन हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

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