मैंने तुम्हें आजाद किया, दारुल उलूम ने कहा- हो गया तलाक…अब प्राइवेट पार्ट

मुजफ्फरनगर निवासी एक महिला ने दारुल उलूम देवबंद से पूछा है कि उसके पति ने उसे कहा है कि उसने उसे आजाद कर दिया है। क्या इस बात से उसका तलाक हो गया है?

दारुल उलूम ने जारी नये फतवे में उसे तलाक होना बताते हुए कहा कि यदि मामला दोनों के बीच में हुआ है और पत्नी ने इस बात को सार्वजनिक कर दिया है, इसलिए उसे तलाक माना जाएगा। साथ ही सलाह दी गई कि यदि वह चाहे तो इद्दत की अवधि पूर्ण कर दूसरा निकाह कर सकती है।

ख़बरों के अनुसार मुजफ्फरनगर निवासी महिला ने दारुल उलूम के इफ्ता विभाग के मुफ्तियों से सवाल पूछा था कि उसके शौहर ने गुस्से में एक बार कहा कि अगर तुम मुझे परेशान करेगी, तो मैं तुझे छोड़ दूंगा। जबकि, दूसरे मौके पर उसके शौहर ने कहा कि मैंने तुम्हें छोड़ दिया। मैंने तुम्हें आजाद कर दिया। न मैं तेरा कुछ लगता हूं और न तुम मेरी कुछ लगती हो। इसके बावजूद वो दोनों एक साथ रह रहे हैं।

इसके जवाब में मुफ्तियों ने कहा कि शौहर और बीवी के बयानों में विरोधाभास है। शौहर का कहना है कि छोड़ने से उसका मकसद तलाक से नहीं था। जबकि, बीवी का कहना है कि उसके शौहर ने झगड़े के दौरान कहा था कि मैंने तुम्हें आजाद कर दिया। लेकिन, इस दौरान शौहर और बीवी के अलावा कोई तीसरा व्यक्ति वहां मौजूद नहीं था।

मुफ्तियों का कहना है कि जब बीवी के पास कोई शरई गवाह नहीं है और शौहर भी उसके बयान की तस्दीक नहीं करता तो बीवी पर तलाक का हुक्म नहीं हो सकता। लेकिन, जब बीवी ने अपने कानों से शौहर के जुमले (शब्द) मैंने तुम्हें आजाद कर दिया और मैंने तुम्हें छोड़ दिया सुन लिए तो उसमें किसी तरह का कोई शक बाकी नहीं रह जाता।

जैसा कि उक्त महिला ने पूछने पर बताया कि ऐसी सूरत में आजाद कर दिया का जुमला तलाक का जुमला है। जिससे कजाअन (लोगों के सामने जुमले आना) तलाक हो जाता है।

अब महिला पर उसका शौहर नाजायज है। इसलिए वो उससे अलग हो जाए और उससे मुकम्मल तौर पर पर्दा रखे। मुफ्तियों ने यह भी कहा कि अगर शौहर आईंदा भी अपने बयान पर कायम रहे तो तलाक या खुला (काजियों के द्वारा) के जरिये उससे छुटकारा हासिल करने की कोशिश करें ताकि उसका निकाह शौहर से खत्म हो जाए और इद्दत के बाद किसी दूसरे मर्द से निकाह करके अपनी जिंदगी गुजर बसर करे।

मैंने तुम्हें आजाद किया, दारुल उलूम ने कहा- हो गया तलाक…

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