तीन तलाक के मुद्दे को दुनिया भर उठाएगी ये फिल्म, ट्रेलर आते ही व‍िवादों फंसी फिल्म….

 तीन तलाक पर आधारित फिल्म ‘फिर उसी मोड़ पर’ जल्द का पोस्टर और ट्रेलर रिलीज हो चुके हैं। इस फिल्म का ट्रेलर और म्यूजिक मुंबई में गायक जावेद अली के हाथों लॉन्च किया गया। हालांकि फिल्म के निर्देशक लेख टंडन का इंतकाल हो गया है, मगर उनकी इस फिल्‍म को आज फिल्‍म के निर्माता त्रिनेत्र, कनिका और अंशुला बाजपेई कनिका मल्टीस्कोप प्राइवेट लिमिटेड के (केएमपीएल) के बैनर तले रिलीज कर रहे हैं।

फिल्म में लीड रोल ये दिल आशिकाना अभिनेत्री जीविधा शर्मा फिर से बड़े पर्दे पर वापसी कर रही हैं। लेख टंडन शुरू से ही सामाजिक विषयों को लेकर फिल्‍म बनाने के लिए जाने जाते रहे हैं। यही वजह है कि तीन तलाक विषय की गंभीरता को देखते हुए उन्‍होंने फिल्‍म ‘फिर उसी मोड़ पर’ का निर्माण बहुत पहले ही कर दिया था।

 

इस फिल्‍म में तीन तलाक से जुड़े उन पहलुओं को उन्‍होंने सामने रखा है, जिसकी मार सिर्फ मुस्लिम महिलाओं को झेलनी पड़ती है। साथ ही तीन तलाक के बाद उस महिला पर क्‍या बीतती है, ये भी फिल्‍म में बखूबी दिखाया गया है। ‘फिर उसी मोड़ पर’ पूरी तरह से क्‍लासिकल फिल्‍म है, जो समाज को इस कुप्रथा के प्रति जागरूक करेगा और नया रास्‍ता दिखाएगा, जिससे आज तीन तलाक पर बन रहे कानून का विरोध करने वाले लोगों को एक संदेश मिलेगा।

वहीं, इस बारे में फिल्‍म के निर्माता त्रिनेत्र, कनिका और अंशुला बाजपेई का मानना है, “‘तलाक, तलाक, तलाक’ एक निंदनीय कुरीति है, जिसके अंतर्गत कोई भी पति अपनी लाचार और बेबस पत्नी को तीन तलाक कह कर प्रताड़ित करते हुए अपने जीवन से निष्कासित कर सकता है। दिवंगत लेख टंडन साहब की यह फिल्‍म उस कुरीति पर चोट करेगी। हालांकि ये दुखद है कि वे फिल्‍म रिलीज नहीं कर पाए और पिछले साल 15 अक्‍टूबर को दुनिया छोड़कर चले गए।”

 

गौरतलब है कि कनिका मल्टीस्कोप प्राइवेट लिमिटेड के अंतर्गत प्रस्‍तुत फिल्‍म ‘फिर उसी मोड़ पर’ में कंवलजीत सिंह, परमीत सेठी, एस. एम. जहीर, गोविंद नामदेव, स्मिता जयकार, कनिका बाजपेई, राजीव वर्मा, भारत कपूर, अरुण बाली, हैदर अली, विनीता मलिक, संजय बत्रा, दिव्या दिवेदी, जिविधा आस्था और शिखा इटकान मुख्‍य भूमिका में नजर आ रही हैं।

 

देश भर में तीन तलाक पर देश में घमासान मचा हुआ है। एक ओर सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम समाज में एक बार में तीन बार तलाक देने की प्रथा को निरस्त करते हुए अपनी व्यवस्था में इसे असंवैधानिक, गैरकानूनी और शून्य करार दिया, तो दूसरी ओर मुस्लिम संगठन इसका विरोध कर रहे हैं और कई शहरों में इसके खिलाफ मुस्लिम महिलाओं ने सड़क पर उतर कर विरोध जताया है।

लेकिन कई मुस्लिम स्‍कॉलर ने भी इस कुप्रथा के खिलाफ आवाज उठाई कि कोई भी आदमी तीन बार तलाक, तलाक, तलाक कह कर अपनी पत्‍नी से छुटकारा नहीं ले सकता है। इस प्रथा का दुरुपयोग भी खूब होता है। फिल्म इसी मुद्दे पर चोट करेगी।

 

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