पितृपक्ष में ये 5 चीजें खाने पर दुखी होते हैं पितर

हिन्दू धर्म की भी अपनी कुछ अलग-अलग परम्पराएं और मान्यताएं हैं, जिनका लोग बखूबी पालन करते हैं। भारत जैसे रहस्यमयी देश में हिन्दू धर्म के अनुयायियों की संख्या अन्य धर्म के लोगों से ज्यादा है।

आपको बता दें कि हिंन्दू धर्म ग्रंथों के हिसाब से ही ग्रह-नक्षत्रों को ध्यान में रखकर सभी कार्य किया जाता है। इस प्रकार हर महीने में कोई ना कोई कार्य किया जाता है। लेकिन कुछ ऐसे भी पक्ष हैं जिनमें शुभ कार्य करना प्रतिबंधित है। इसी क्रम में पितृपक्ष का बड़ा ही महत्व होता है।

दोस्तों आपको बता दें कि इस साल 24 सितंबर से 8 अक्टूबर तक पितृ पक्ष की अवधि है। इन 15 दिनों में लोग अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान करते हैं। ऐसी मान्यता है कि जब पितर खुश नहीं होते हैं, तब संबंधित व्यक्ति पितृदोष से पीड़ित हो जाता है, जिसके चलते उसे अपने जीवन में कई कष्टों का सामना करना पड़ता है।

पितृ पक्ष में पितरों की आत्मा की शांति के लिए पूजा-पाठ के अलावा ब्राह्मणों को भोजन भी करवाया जाता है। इस ​अवधि में सात्विक भोजन करने का विधान है। ऐसा नहीं करने पर पितर की आत्मा अशांत हो जाती है, और इसके भयंकर परिणाम भुगतने पड़ते हैं।

इस स्टोरी में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि पितृ पक्ष में भूलकर भी कौन-कौन सी चीजें नहीं खानी चाहिए।

1- चना और सत्तू का सेवन है प्रतिबंधित

श्राद्ध पक्ष में चने का सेवन वर्जित माना गया है। चने से बनी हुई हर चीजों के सेवन पर प्रतिबंध है। यहां तक सत्तू के सेवन पर भी प्रतिबंध है।

2- भूलकर भी ना खाएं बासी भोजन

पितृपक्ष के दौरान खुद अथवा जिसे भी आप भोजन परोस रहे हैं, उसे बासी भोजन कभी ना खिलाएं। ऐसे भोजन से सदा दूर ही रहें। स्वास्थ्य की दृष्टि से भी बासी खाना हानिकारक होता है।

3- मसूर की दाल है वर्जित

पितरों की आत्मा की शांति के लिए होने वाली तेरहवी में कोई भी कच्चा खाना खाने की मनाही है। इस दौरान मूंग और उड़द की दाल का इस्तेमाल दही बड़ा बनाने ​के लिए किया जा सकता है। लेकिन मसूर की दाल भूलकर भी नहीं बनाएं।

4- काला नमक नहीं खाएं

पितृ पक्ष में काला नमक भूलकर भी नहीं खाएं। इस अवधि में काले नमक का सेवन मना किया गया है।

5-खीरा, मूली और लौकी भी है प्रतिबंधित

पितृ पक्ष में खीरा, मूली और लौकी के अलावा सरसों का साग खाने और खिलाने पर प्रतिबंध है।

यदि आप चाहते हैं आपके पितरों की आत्मा को शांति मिले तो उपरोक्त चीजों के सेवन से बचें अन्यथा पितृ दोष का भागी बनना पड़ सकता है।

Facebook Comments