कुछ कविताएं…देश के मजदूरों को समर्पित……

आज देश के साथ पुरे विश्व भर में मजदूर दिवस मनाया जाता है, इस दिन की शुरुआत के बारे में माना जाता है कि यह विश्वभर में मौजूद लोगों के हक़ लिए बनाया गया था. साथ ही मजदूरों में अपने हक़ के लिए जागरूकता बढ़े जिससे देश में सभी को सामान अधिकार मिले. इस मौके पर कुछ कविताएं जो आप अपने आसपास मौजूद उन लोगों को भेज सकते है जो लगन के साथ पूरी मेहनत से इस देश के लिए अपना पसीना बहाते है….

 

1.मैं मजदूर हूं मजबूर नहीं,
यह कहने में मुझे शर्म नहीं,
अपने पसीने की खाता हूं,
मैं मिट्टी को सोना बनाता हूं,
मजदूर दिवस की शुभकामनाएं!!!

2.जिसके कंधों पर बोझ बड़ा,
वो भारत मां का बेटा कौन?
जिसने पसीने से भूमि को सींचा,
वो भारत मां का बेटा कौन?
वह किसी का गुलाम नहीं,
अपने दम पर जीता है,
मजदूर दिवस की शुभकामनाएं!!!

3.अमीरी में अकसर अमीर अपने सुकून को खोता है,
मजदूर खा के सूखी रोटी बड़े आराम से सोता है,
मदूर दिवस की शुभकामनाएं!!!

4.हाथों में लाठी है,
मजबूत उसकी कद-काठी है,
हर बाधा को वो कर देता है दूर,
दुनिया उसे कहती है मजदूर,
मदूर दिवस की शुभकामनाएं!!!

5.टिप्पणियां अगर इस दुनिया में मजदूर का नामों-निशां न होता,
फिर न होता हवा महल और न ही ताजमहल होता!!
मदूर दिवस की शुभकामनाएं!!!

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