रास्ते में रोक ले पुलिस तो न करें ये गलती….

विदेशों में जहां खुद लोग अपनी जिम्मेदारी समझ कर हर ट्रैफिक नियम का पालन करते हैं, वहीं हमारे भारत में लोग थोड़ी सी जल्दबाजी के चक्कर में नियमों को तोड़ देते हैं। कभी रेड लाइट जंप तो कभी तेजी से गाड़ी चलाना या फिर रांग साइड पर गाड़ी चलाना, ये भारत में आम हो चुका है। 

ट्रैफिक पुलिस चालकों को यूं तो अलग-अलग तरीकों से सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों की जानकारी देकर उसका पालन करने की अपील करती है, लेकिन बावजूद इसके नियम लगातार तोड़े जाते हैं। गाड़ी चलाते वक्त सभी नियमों को पालन करना बहुत जरूरी है। अगर आप किसी भी नियम को तोड़ने हैं तो चालान या कुछ महीने की कैद भी हो सकती है। वहीं, कुछ मामलों में आपका ड्राइविंग लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।

 

मोटर व्हीकल एक्ट 1998 की धारा-19 के तहत ऐसी कई स्थिति हैं जब ट्रैफिक पुलिस आपका ड्राइविंग लाइसेंस रद्द कर सकती है। ऐसे में यदि आप ड्राइविंग करते हैं तब आपको इन सभी नियम और धारा पता होना चाहिए। आरटीओ अधिकारी बताते हैं कि कई धारा ऐसी भी हैं जिसमें आपकी गाड़ी भी जब्त की जा सकती है और लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। अगर इनसे बचना चाहते हैं तो हमेशा गाड़ी के कागज साथ रखें।

हमेशा साथ रखें ये दस्तावेज : गाड़ी चलाते समय लाइसेंस (मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 3 के अनुसार), रजिस्ट्रेशन या RC (मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 39 के अनुसार), फिटनेस या पाल्यूशन (मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 56 के अनुसार), परमिट (व्यवसायिक वाहननों के लिए मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 66 के अनुसार) और बीमा (मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 146 के अनुसार) की ओरिजनल कॉपी हमेशा साथ रखें।

कब कैंसिल होता है ड्राइविंग लाइसेंस : यदि आप शराब पीकर गाड़ी चलाते हैं तब आपके ऊपर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 लगाई जाती है। इसमें लिखा है कि आपने मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 का उल्लंघन किया है जिसके चलते आपका वाहन मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 207 के तहत जब्त किया जाता है। आपको निर्देशित किया जाता है कि उक्त दस्तावेज की मूलप्रति माननीय सी.जे.एम. कोर्ट में प्रस्तुत करें, जिससे आपके वाहन के चालान का निराकरण किया जा सके।

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