गांववालों ने इनकार किया, पुलिसवालों ने लाश को दिया कंधा

शनिवार को कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में एक 80 साल के बूढ़े आदमी असालप्पा की मौत हो गई. वो कंबादहल्ली गांव से लौटकर पहाड़ी के ऊपर बने अपने घर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में गिर जाने से उनकी मौत हो गई. इसके बाद उनका बेटा मदद के लिए रोता-चिल्लाता रहा लेकिन मदद के लिए कोई गांव वाला आगे नहीं आया. बाद में तीन पुलिस वालों ने असालप्पा के शव को उनके घर तक पहुंचाने में उनके बेटे की मदद की.

जब असालप्पा की मौत हुई तो वहां कई लोग मौजूद थे लेकिन किसी ने भी मदद की गुहार के बावजूद हाथ नहीं लगाया. ये सुनने में जितना बुरा लग रहा है, उससे कहीं ज़्यादा बुरा है. इसके पीछे का कारण इससे भी ज्यादा अंधविश्वासपूर्ण और बचकाना है. बात ये है कि कोइला (असालप्पा का गांव) में नेमा नाम का एक त्योहार था. इसमें लोग स्थानीय देवताओं की पूजा करते हैं. ये घटना शनिवार की है और नेमा इसके ठीक अगले दिन था. इसमें ऐसा रिवाज है कि डेड बॉडी को छूने या किसी के घर में गमी होने वाले को ‘सूतक’ लग जाता है. सूतक लगे किसी भी आदमी को मंदिर में जाने की इजाज़त नहीं होती. इसलिए गांव के किसी भी इंसान ने असालप्पा के शव को हाथ नहीं लगाया.

असालप्पा का बेटा अपने पिता की लाश के पास बैठा रो रहा था. वो आसपास के लोगों से मदद मांग रहा था. शव को घर तक पहुंचाने के लिए कह रहा था. लेकिन किसी के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही थी. इस बात की खबर जैसे ही दक्षिण कन्नड़ जिला की पुलिस को लगी, उनके यहां से तीन लोग फौरन मौके पर पहुंच गए. सब-इंस्पेक्टर प्रकाश, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर रवि और होमगार्ड संदेश ने असालप्पा के बेटे के साथ कंधा मिलाकर शव को पहाड़ी के ऊपर बसे उनके घर तक पहुंचाया.

दक्षिण कन्नड़ जिले के पुलिस कप्तान बी.आर रविकांतगौड़ा ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए बताया, ‘असालप्पा अपने पिता की मौत के बाद चीख-चीखकर मदद के लिए लोगों से बोल रहा था. लेकिन गांववाले तो दूर, उनके करीबी रिश्तेदार तक ने मदद नहीं की. असालप्पा का घर पहाड़ी के बिल्कुल टॉप पर है और उनके बेटे के लिए शव अकेले वहां तक ले जाना तकरीबन असंभव था. फिर उसने मदद मांगी, किसी ने नहीं सुनी. फिर इस मामले में पुलिस को आगे आना पड़ा.’

अच्छे लोगों से दुनिया खाली नहीं है. सरकारी महकमे में भी अच्छे लोग होते हैं, जो अपनी ड्यूटी से आगे जाकर लोगों की मदद करते हैं. कुछ दिन पहले हमने आपको एक टिकट चेकर के बारे में बताया था, जिन्होंने इंटरव्यू देने जा रहे बेटिकट लड़के का जुर्माना भर दिया था.

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