आज ये शहर प्रदूषित शहरों में है सबसे आगे…..

प्रदूषण की वजह से सांस लेना मुश्किल हो गया है। वातावरण में जहर घुलने की वजह से बच्चों और बुजुर्गो को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है। इसकी वजह से सांस के रोगियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।

कभी कानपुर की पहचान उद्योग नगरी के रूप में होती थी। लेकिन अब कानपुर प्रदूषण के लिए जाना जा रहा है। WHO की रिपोर्ट ने सरकार के उन दावों की पोल खोल दी है जो ”ग्रीन कानपुर क्लीन कानपुर” की बात करते थे। रिपोर्ट आने के बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया है,स्वच्छता की बात करने वाले अधिकारी अब गोलमोल बाते कर रहे हैं।

प्रदूषण की वजह से सांस लेना मुश्किल हो गया है। वातावरण में जहर घुलने की वजह से बच्चों और बुजुर्गो को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है। इसकी वजह से सांस के रोगियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।

कानपुर के लिए सबसे बड़ा अभिशाप एयर पॉल्यूशन है। जिनमें वाहनों से निकलने वाला धुंआ ,फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुंआ ,जलते हुए कूड़े के ढेर एयर पॉल्यूशन की सबसे बड़ी वजह हैं।

वहीं नगर आयुक्त अविनाश सिंह का कहना है कि कानपुर प्रदूषण में प्रथम स्थान पर है। इसकी जानकारी मुझे किसी भी समाचार पत्र और अन्य तरह से नहीं मिली है। सेन्ट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के द्वारा सन 2011 और 2012 में पूरे देश के शहरों का विस्तृत सर्वे कराया गया था। जिसमें शहरों की सूची तैयार कराई गई थी, सूची में शामिल शहरों के पॉल्यूशन को दूर करने के लिए वर्किंग प्लान बनाया था।

 

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