छेड़छाड़ की धारा व पॉक्सो एक्ट न लगाने पर मुंशी निलंबित….

छात्रा के लिए इंसाफ की मांग को लेकर प्रदर्शन के चलते पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में भीषण जाम लगा हुआ है। जाम का असर दिल्ली से नोएडा तक है। हजारों लोग और सैकड़ों गाड़ियां फंसी हुई हैं।

दिल्ली स्थित मयूर विहार फेज तीन के एल्कॉन पब्लिक स्कूल की नौवीं की छात्रा के आत्महत्या मामले में बवाल बढ़ता ही जा रहा है। बृहस्पतिवार सुबह से ही स्कूल के बाहर लोगों का प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शन में खुदकुशी करने वाली छात्रा के माता-पिता भी शामिल हैं। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) से पूरे मामले की जांच की मांग भी की है।

वहीं, इस मौके पर कनाडा के नागरिक भी जाम में फंस गए। उन्होंने पीड़ित परिवार से हमदर्दी जताते हुए कहा कि इस देश में सड़क जाम करके ही लोगों को इंसाफ मिलता है। इसे एक तंज के तौर पर देखा जा रहा है कि किस तरह लोगों को इंसाफ के लिए सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ता है।

आरोप है कि छात्रा ने स्कूल के शिक्षकों की ज्यादती से तंग आकर मंगलवार को फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। वहीं, स्कूल प्रबंधन ने सभी आरोपों से इन्कार किया है।

वहीं, एल्कॉन पब्लिक स्कूल में प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या करने वाली छात्रा के पिता के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। छात्रा के पिता ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

उन्होंने सवाल किया कि कोई ऐसा कैसे सोच सकता है कि मानसिक और शारीरिक शोषण  को लेकर मेरी बेटी झूठ बोल रही थी? उन्होंने पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह दबाव में है। उन्होंने कहा कि मुझे इंसाफ चाहिए और इसकी सीबीआइ जांच होनी चाहिए।

बता दें कि एल्कॉन पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल व एसएसटी के शिक्षक राजीव सहगल व साइंस की महिला टीचर नीरज आनंद के खिलाफ आत्महत्या के उकसाने, छेड़छाड़ व पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। छात्रा के पिता की तहरीर पर कोतवाली सेक्टर-24 पुलिस में रिपोर्ट दर्ज हुई है। नोएडा पुलिस की एक टीम बुधवार को दिल्ली स्थित स्कूल पहुंची और जांच की। साथ ही फोरेंसिक टीम ने फिंगर प्रिंट व अन्य साक्ष्य एकत्र किए।

गलत नियत से टच करते थे

प्रख्यात कथक डांसर बिरजू महाराज के शिष्य अपने परिवार के साथ सेक्टर-52 के डी ब्लॉक में रहते हैं। उनकी 16 वर्षीय बेटी नौवीं कक्षा में पढ़ती थी। मंगलवार देर शाम उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पिता का कहना है कि  स्कूल टीचर राजीव सहगल बेटी को परेशान करते थे। गलत नियत से टच भी करते थे। बाथरूम जाने के दौरान पकड़ते थे।

महिला टीचर भी परेशान करती थी

शिक्षिका नीरज आनंद मानसिक रूप से परेशान करती थीं। नवंबर 2017 में बेटी ने इस बारे में बताया था। इसकी शिकायत प्रिंसिपल से की गई। उन्होंने छात्रा को स्कूल से निकालने की धमकी दी थी। राजीव सहगल व शिक्षिका नीरज आनंद ने जानबूझकर सेमेस्टर परीक्षा में उसे फेल कर दिया था। इससे परेशान होकर ही बेटी ने आत्महत्या कर ली।

छात्रा के पिता की शिकायत को कोतवाली सेक्टर 24 पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया। प्रारंभ में तीनों आरोपियों पर केवल आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा लगाई गई। वहीं, नाबालिग होने व शारीरिक रूप से परेशान करने व गलत तरीके से छूने के लिए लगाए जाने वाले पॉक्सो एक्ट व छेड़छाड़ की धाराएं नहीं लगीं। मीडिया में यह मामला आने के बाद एसएसपी ने कोतवाली सेक्टर-24 के मुंशी नृपेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया। साथ ही एफआईआर में छेड़छाड़ (आईपीसी 354) व पॉक्सो एक्ट को जुड़वाया गया।

वहीं, गौतमबुद्धनगर के एसएसपी डा. अजयपाल शर्मा  का कहना है कि परिजन के सभी आरोपों को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। पुलिस की एक टीम स्कूल गई थी और वहां पूछताछ भी की है। फोरेंसिक जांच का भी सहारा लिया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। सख्त कार्रवाई होगी।

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