गर्भावस्था में भूलकर भी न करें ये काम…वरना होगा भारी नुकसान

गर्भावस्था का समय हर महिला के लिए खास होता है। इस दौरान महिलाओं को अपने स्वास्थ्य का खास ख्याल रखने की जरुरत होती है।

गर्भावस्था के दौरान थोड़ी सी भी लापरवाही का बुरा असर शिशु पर पड़ता है। इसलिए इस दौरान खान-पान से लेकर लाइफस्टाइल सब कुछ सही होना जरुरी होता है। ऐसे में अगर आपको धूम्रपान या शराब पीने जैसी कोई बुरी आदत है तो इन आदतों को छोड़ना जरुरी होता है। आइए जानते हैं शिशु के स्वास्थ्य के लिए गर्भवती महिलाओं को किन आदतों से दूर रहना चाहिए।

एल्कोहल का सेवन करना: प्रेग्नेंसी के दौरान एल्कोहल का सेवन करने से शिशु की विकसित होती हुई कोशिकाओं तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं पहुंच पाते हैं, जिससे स्वस्थ भ्रूण का विकास नहीं हो पाता है। एल्कोहल बच्चे की त्वचा पर भी बुरा प्रभाव डालता है इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान एल्कोहल का सेवन ना करें।

धूम्रपान: गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान करना भी एल्कोहल के सेवन जितना ही हानिकारक होता है। धूम्रपान करने से डिलीवरी के दौरान बाधाएं पैदा होना, बच्चे को शारीरिक रुप से नुकसान होने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती है क्योंकि मां के रक्त के माध्यम से हानिकारक तत्व शिशु तक पहुंचते हैं। इसलिए प्रेंग्नेंसी में धूम्रपान ना करें।

हेयर डाई का इस्तेमाल करना: हेयर डाई में अमोनिया नामक केमिकल होता है। बालों पर डाई करने से अमोनिया सांस के माध्यम से फेंफड़ों में पहुंच जाती है जो कि मां और शिशु दोनों के लिए हानिकारक होती है। इससे श्वसन संबंधी परेशानियां पैदा होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

स्टीम बाथ ना लें: स्टीम बाथ लेने से मसल्स रिलैक्स हो जाती है जिससे आपको और स्टीम बाथ लेने का मन हो सकता है। लेकिन गर्भावस्था के दौरान स्टीम बाथ लेने से शरीर का तापमान बढ़ जाता है। 102 फारेनहाइट से ज्यादा तापमान में रहने पर शिशु के दिमाग और स्पाइन पर बुरे प्रभाव पड़ सकते हैं, इसलिए स्टीम बाथ ना लें।

रॉ एनीमल फूड ना खाएं: हो सकता है सी फूड्स आपका पसंदीदा हो लेकिन कच्चा मीट, सुशी आदि बैक्टीरिया संक्रमित हो सकते हैं। ये खाद्य पदार्थ आसानी से बैक्टीरिया, परजीवी और वायरस को आकर्षित कर लेते हैं। इसलिए इन्हें कच्चा खाने की बजाय पकाकर खाएं।

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