सिद्धू के खिलाफ हुई पंजाब सरकार! सुप्रीम कोर्ट में की सजा की मांग…..

साल 1988 के रोड रेज केस में पूर्व क्रिकेटर और पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू मुसीबत में फंसते नजर आ रहे है। इस मामले में पंजाब की कांग्रेस सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में सिद्धू को सजा देने की मांग की है।

गुरूवार को सुप्रीम कोर्ट में गैर इरादतन ह्त्या के इस मामले में सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार के वकील ने कहा कि सिद्धू इस घटना में शामिल थे इसलिए उन्हें सजा मिलनी चाहिए। साथ ही इस मामले में याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से पंजाब और हरियाणा हाइकोर्ट द्वारा दी गई तीन साल की सजा को बरकरार रखने की मांग की है।

पंजाब की कांग्रेस सरकार के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि पंजाब और हरियाणा कोर्ट ने इस मामले में सिद्धू को दोषी ठहराया तो उन्हें ये सजा मिलनी चाहिए। वकील ने ये भी कहा अदालत में सिद्धू ने खुद को बचाने के लिए गलत बयान दिया था।

 

दरअसल, हरियाणा और पंजाब हाईकोर्ट ने उन्हें 2006 में 1988 के एक हत्या के मामले में सजा सुनाई। 1988 में उनका गुरुनाम सिंह नाम के एक शख्स से झगड़ा हुआ था। मारपीट के बाद इस शख्स की मौत हो गई थी। हाईकोर्ट ने उन्हें तीन साल जेल की सजा सुनाई थी। वो कई दिन जेल में रहे थे। 2007 में सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धू को राहत देते हुए हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी थी।

पंजाब सरकार के वकील द्वारा सिद्धू पर हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखने की मांग के बाद अकाली दल ने सीधे तौर पर उनसे इस्तीफा मांगा है। अकाली दल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी नवजोत सिंह सिद्धू को इस्तीफा देना ही पड़ेगा। अगली सुनवाई में अगर सुप्रीम कोर्ट सिद्धू की 3 साल की सजा जारी रखता है तो ऐसी सूरत में सिद्धू को मंत्री पद से भी हाथ धोना पड़ सकता है।

बता दें कि 1988 के रोड रेज मामले की सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई मंगलवार को होगी। सुप्रीम कोर्ट में पंजाब सरकार के इस एक्शन ने नवजोत सिंह सिद्धू की मुसीबते बढ़ा दी है। सिद्धू को इस मामले में अगर सजा सुनाई जाती है तो उनका राजनीतिक भविष्य खतरे में पड़ सकता है

 

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