रामबाण है नीम का इस्तेमाल आपको बचा सकता है इन बीमारियों से, पढ़िए पूरी खबर

नीम एक ऐसा वृक्ष है जिसकी हर चीज बहुत ही गुणकारी है। चाहे वह उसकी छाल हो, पत्ते हो या उसकी लकड़ियां हो। आयुर्वेद में नीम को सर्व रोग निवारण की उपाधि दी गई है क्योंकि यह हर रोगों को निवारण करने की क्षमता रखता है।

आयुर्वेद में नीम के तेल को बहुत गुणकारी माना जाता है।

आयुर्वेद में नीम के तेल को सर्वोत्तम और गुणकारी माना गया है। शरीर के कई रोगों और परेशानियों में इसके प्रयोग से आराम मिलता है। नीम के तेल का प्रयोग कई बीमारियों के उपचार के साथ-साथ सौंदर्य के लिए भी किया जाता है। ये तेल नीम के फल से निकले बीज से बनता है। नीम में एंटीबैक्टीरियल एंटीफंगल गुण होते हैं इसलिए ये कई तरह से फायदेमंद होता है।

आइए आपको बताते हैं कि किन समस्याओं में आप इस गुणकारी तेल का आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं:-

त्वचा की समस्या को करता है दूर

1)रूखी सूखी त्वचा के लिए नीम बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। एक्जिमा से स्किन पर सूजन और खुजली होती है। इसके लिए इफेक्टिड एरिया में नीम का तेल लगाएं।
2)जलने की वजह से शरीर में जख्म बन जाने पर नीम का तेल लगाने से जख्म जल्दी ठीक हो जाता हैं।
3)इन्फेक्शन से बचाता है।
4)कील-मुंहासों और त्वचा के दाग भी दूर हो जाते है।

बालों की समस्या का भी निवारण

बालों को स्वस्थ, चमकदार बनाने के लिए, सूखापन दूर करने के लिए नीम के तेल का प्रयोग करें। नीम का तेल नियमित लगाने से सिर की खुशकी दूर होगी जिससे रूसी की समस्‍या ठीक हो जाएगी। इसके तेल से बाल दो मुंहे भी नहीं होते। गंजेपन की समस्या है तो सिर में नीम का तेल लगाएं। इससे जूएं-लीखें भी दूर हो जाती हैं।

आंखों के लिए भी है फायदेमंद

आंखों में मोतियाबिंद और रतौंधी हो जाने पर नीम के तेल को सलाई से आंखों में अंजन की तरह से लगाएं। आंखों में सूजन हो जाने पर नीम के पत्ते को पीस कर अगर दाई आंख में है तो बाएं पैर के अंगूठे पर नीम की पत्ती को पीस कर लेप करें। ऐसा अगर बाई आंख में हो तो दाएं अंगूठे पर लेप करें, आंखों की लाली व सूजन ठीक हो जाएगी।

अस्थमा के लिए भी गुणकारी

नीम के तेल का भाप लेने से अस्थमा के मरीजों को आराम मिल सकता है। क्योंकि तेल में जो यौगिक शामिल हैं वो नेचर में एंटी-हिस्टामिनिक हैं। इसके अलावा, अपने शक्तिशाली एंटीमाइक्रोबियल प्रभाव के कारण यह ज्यादा बेहतर काम करता है।

पेट की समस्याएं भी होती है दूर

नीम के तेल

पेट संबंधी अनेक समस्याओं से निजात पाने में नीम बहुत सहायक होता है। पेट के कीड़ों को नष्ट करने के लिए नीम के पत्तों के रस में शहद और काली मिर्च मिलाकर सेवन करें। नीम के फूलों को मसलकर गर्म पानी में डालकर छानकर पी लें इससे कब्ज दूर होती है। नीम की पत्तियों को सुखाकर शक्कर मिलाकर खाने से दस्त में आराम मिलता है।

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