संत ने दी प्राण त्यागने की धमकी राम जन्म भूमि न्यास के……

अयोध्या में राम मंदिर नहीं बनने को लेकर आम जनों के साथ ही साधु – संतों की अधीरता भी बढ़ती जा रही है.इस मुद्दे के लम्बे अर्से से लंबित रहने और केंद्र में राजग की सरकार में भाजपा की प्रबलता ने लोगों की अपेक्षाएं और बढ़ा दी है. हालाँकि सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई चल रही है.इसी बीच राम जन्मभूमि न्यास के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. रामदास वेदांती का चौंकाने वाला बयान आया है जिसमें उन्होंने कहा है कि 6 दिसंबर, 2018 के बाद श्रीराम मंदिर का निर्माण प्रारंभ नहीं हुआ तो 14 अप्रैल, 2019 को अपना शरीर त्याग दूंगा.

उल्लेखनीय है कि राम जन्मभूमि न्यास के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. रामदास वेदांती ने यह बात शुक्रवार रात सहरजोरी(देवघर, झारखंड) में महारुद्र यज्ञ के समापन पर प्रवचन के दौरान कही. वेदांती ने अयोध्या में विवादित ढांचा ध्वस्त करने की जिम्मेदारी लेने की भी बात कही . इस जुर्म में मुझे फांसी पर चढ़ना पड़े तो मुझे मंजूर है. ऐसा लगता है कि संत की यह बात जन -जन के विचारों का प्रतिनिधित्व कर रही प्रतीत हो रही है.

बता दें कि डॉ. रामदास वेदांती ने कहा कि धर्मग्रंथों व अवशेषों से न्यायालय को यह पुख्ता प्रमाण मिल चुका है, कि रामलला का जन्म वहीं हुआ था और वहां उनका भव्य मंदिर था. विवादित ढांचे में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां मिली हैं.जबकि मस्जिद में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्ति नहीं होती है.देश के 80 प्रतिशत मुसलमान चाहते हैं कि राम मंदिर बने. वेदांती चाहते हैं कि राम मंदिर निर्माण में मुसलमान उदारवादी रवैया अपनाएं.

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