कृष्ण जन्माष्टमी पर संंछिप्त में कृष्ण लीला

भगवान कृष्ण की अद्भुत और अलंकारिक लीलाएं जिनका वर्णन करते करते पूरा जीवन भी कम पड़ जाएगा, आइए जानते हैं संक्षिप्त में भगवान कृष्ण की लीलाएं।

कृष्ण जन्माष्टमी पर संछिप्त में कृष्ण लीला

देवकी और वासुदेव के विवाह के बाद कंस को भविष्यवाणी हुई जिसमें कहा गया कि देवकी की आठवीं संतान के द्वारा तुम्हारी मृत्यु तय है, इस बात से कंस घबरा गया और उसने माता देवकी और वासुदेव को कारागार में बंद कर दिया।

जब भगवान कृष्ण का जन्म हुआ तब तेज बारिश हो रही थी योग माया ने सभी को अपनी माया मैं भ्रमित कर दिया तब भगवान कृष्ण का जन्म हुआ तब वासुदेव ने बच्चे को लेकर यमुना नदी की ओर चल दिए और उन्हें माता यशोदा के पास छोड़ दिया भगवान कृष्ण के जन्म होते ही साथ सारे कारागार के ताले खुल गए थे।

माखन चोर भगवान श्री कृष्ण गोकुल नगरी में एक अद्भुत बाल लीला रची वह अपनी बांसुरी की धुन पर जिसको सुनकर सभी लोगों आनंदित हो जाते थे।

भगवान कृष्ण की लीलाओं में गोपियों की मटकी फोड़ना, माखन चुराना, गोपियों के वस्त्र हरण करना और माता यशोदा को सताना इनकी बाल लीलाएं हैं।

भगवान कृष्ण की सुंदरता और उनकी मनमोहक था कि सभी दीवाने थे पर भगवान कृष्ण उनसे बड़ी लड़की जो कि 12 साल की राधा के दीवाने थे।

भगवान कृष्ण राधा और गोपियों के साथ रासलीला रची।

भगवान कृष्ण और बलदाऊ दोनों कंस को मारने गोकुल धाम छोड़कर कंस की ओर प्रस्थान किया जब वह कंस के दरबार में पहुंचे तो वहां पर कुश्ती का खेल चल रहा था।

कंस ने किसी बहाने से भगवान कृष्ण और बलदाऊ दोनों को कुश्ती लड़ने के लिए आमंत्रित किया भगवान कृष्ण 16 वर्ष के और वह पहलवान जिसका नाम चाणूर था जो कि बेहद ही शक्तिशाली था।

भगवान कृष्ण से युद्ध में मृत्यु को प्राप्त हुआ उसके पश्चात भगवान कृष्ण ने कंस जैसे पापी राक्षस को मृत्यु के घाट उतारा।

भगवान कृष्ण की लीलाएं तो बहुत सारी है उन्होंने पूतना और अन्य राक्षसों को मृत्यु के घाट उतारा था और समूचे मानव समाज को इन राक्षसों से छुटकारा दिलाया था।

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