रमज़ान में इफ्तार के समय रखें यह ध्यान…..

रोज़े के महत्त्व को समझते हुए गैर-मुस्लिम भाई इसके पूरे अरकानों के साथ इसे रखते हैं. बताया जाता है कि रोज़े में कुछ भी नहीं खाया-पिया जाता है. यहां तक कि पानी की एक बूँद तो दूर की बात है यदि उसका ख्याल भी आपके मन में आ जाए तो आपका रोज़ा मकरूह हो जाता है. ऐसे में अपनी सेहत का ध्यान किस तरह से रखा जाए, इस खबर को पढ़कर जानिए.

 

वही आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मधुमेह के ग्रसित लोगों को खजूर के सेवन से बचना चाहिए. और जिन लोगों को लैक्टोस की समस्या है उन्हें नियमित दूध की बजाय सोया मिल्क का उपयोग करना चाहिए. इफ्तार के कुछ समय बाद खाना ज़रूर लें. ऐसा न करें कि इफ्तार के बाद खाना स्किप कर दें. रात के खाने में ब्राउन राइस या ज्यादा फाइबर वाले अनाज की रोटी, ढेर सारा वेजिटेबल सलाद, लीन मीट, मछली या अंडा को शामिल करें.

दिन भर भूखे प्यासे रहने के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा पैदा हो सकता है. इसिलए शाम के समय रोज़ा खोलते वक़्त यानी इफ्तार में एक गिलास नीबू पानी में नमक और चीनी डालकर पिएं. इस तरह से आपके शरीर में कभी पानी की कमी नहीं रहेगी. रोज़ा इफ्तार के समय खजूर का सेवन करना परंपरा के अनुसार और स्वास्थ्य के लिहाज़ से भी काफी महत्वपूर्ण है. क्योंकि खजूर में ऊर्जा स्रोत और महत्वपूर्ण पोषक तत्वों की भरमार होती है.

 

 

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