हर उम्र की महिला से गलत हरकत पड़ेगी भारी,मिलेगी 10 साल से लेकर मौत की सजा

इस बैठक में नाबालिग बच्चियों से रेप के दोषियों को मौत की सजा देने को मंजूरी दे दी गई है। सरकार इसपर जल्द अध्यादेश जारी करेगी। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, केंद्रीय कैबिनेट ने ढाई घंटे चली मैराथन बैठक के बाद 12 साल से कम बच्चियों से रेप के मामले में अधिकतम मौत की सजा और कम से कम आजीवन कारावास या 20 साल की सजा का प्रावधान रखा है।

वहीं 16 साल से कम उम्र की बच्चियों के साथ अगर इस तरह की कोई घटना होती है तो दोषियों को कम से कम 20 साल की सजा या अधिकतम उम्रकैद की सजा दी जाएगी। इसके साथ ही साथ महिलाओं से रेप के मामले में भी सजा को और सख्त कर दिया गया है। पहले महिलाओं से रेप की घटनाओं पर कम से कम सात साल की सजा होती थी, जिसे बढ़ाकर 10 साल कर दिया गया है।

मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश दौरे से लौटते ही कैबिनेट की बैठक बुला ली। प्रधानमंत्री आवास पर करीब ढाई घंटे तक चली बैठक में पॉक्सो ऐक्ट में संशोधन पर सहमति बनी। सरकार ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब मासूम बच्चियों के साथ दरिंदगी की बढ़ती घटनाओं से देशभर में गुस्सा फूट रखा है।

कठुआ गैंगरेप, सूरत और अब इंदौर की घटनाओं के बाद ऐसे गुनहगारों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की जा रही है। सख्त कानून न होने की बात करते हुए केंद्र सरकार को भी कठघरे में खड़ा किया जा रहा है। देश में कई जगहों पर इसको लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं। बता दें कि हाल ही में केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने बलात्कारियों को कठोरतम दंड देने की बात कहते हुए पोक्सो एक्ट में संशोधन की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि हम कोशिश कर रहे हैं कि ऐसे मामलों में सख्त से सख्त सजा का प्रावधान किया जाए।

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