अब ट्रेनों के रियल टाइम रनिंग की मिलेगी मैन्युअल जानकारी

आम यात्रियों को ट्रेन के आगमन की सही जानकारी मिले इसके लिए रेल मंत्रालय ने देश के 41 बड़े रेलवे जंक्शनों पर मैन्युअल जानकारी देने की प्रक्रिया को समाप्त कर दिया है।

रेलवे बोर्ड ने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को इस वर्ष पहली जनवरी से डेटा लॉगर्स में रेलों के आगमन और प्रस्थान की जानकारी देने का निर्देश दिया है। हावड़ा, मुंबई सीएसटी, मुगलसराय, लखनऊ, कानपुर, चेन्नई सेंट्रल, अहमदाबाद और बेंगलुरु समेत 41 स्टेशनों में इस तरह के डेटा लॉगर्स उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें पूर्व मध्य रेल के किउल, सीमापुर, गोल्डेनगंज, मानपुर, प्रधानखूंटा तथा मुगलसराय में ईस्ट केबिन व न्यू वेस्ट केबिन पर भी इस तरह के डेटा लॉगर्स उपलब्ध कराए गए हैं।

भारतीय रेल का यह प्रयास है कि ट्रेनें सही समय पर चलें और यात्रियों को सटीक जानकारी उपलबध हो। डेटा लॉगर्स स्टेशनों पर सिग्नल गियर्स की कार्यप्रणाली की निगरानी करता है। ट्रेनों के नियंत्रण के लिए ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क तैयार किया गया है और इन्हें क्षेत्रीय कार्यालयों के नियंत्रण केन्द्रों से जोड़ दिया गया है। यह निर्णय लिया गया है कि डेटा लॉगर्स की सहायता से ट्रेनों के आवागमन संबंधी जानकारी स्वत: केन्द्रीय सर्वर में अपलोड हो जाए। इसके लिए अपडेट कंट्रोल आफिस अप्लीकेशन का उपयोग किया जा रहा है। लगभग 80 फीसद मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों की निगरानी इस प्रणाली द्वारा की जा रही है। इस प्रणाली को सभी टर्मिनल स्टेशनों में लागू करने की योजना है। इसके लागू होने से यात्रियों को विश्वसनीय और अद्यतन जानकारी प्राप्त होगी।

क्या है डेटा लागर्स

डेटा लॉगर्स एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो अंतर्निहित उपकरण या सेंसर के साथ या बाह्य उपकरणों और सेंसर के माध्यम से समय के अनुसार या स्थान के अनुसार डाटा रिकॉर्ड करता है।

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