वर्ष 70 हजार से अधिकविद्यार्थियों ने आईआईटी  एडवांस परीक्षा को ड्राॅप करने का फैसला…..

 

आपको बता दें कि आईआईटी के नियम के अनुसार छात्रों को एडवांस्ड देने के सिर्फ दो अवसर मिलते हैं वहीं, मेन के 3 मौके मिलते हैं.छात्र अगर तीसरी बार मेन परीक्षा उत्तीर्ण भी कर ले तो भी वह एडवांस्ड नहीं दे सकता. इसी कारण कई छात्र अपना एडवांस्ड का मौका बेकार नहीं करना चाहते. इसकी बजाय छात्र मेन की रैंक के आधार पर एनआईटी में प्रवेश ले लेते हैं. यही कारण है कि आईआईटी एडवांस परीक्षा के रजिस्ट्रेशन में कमी आई है.

मेडिकल और इंजीनियरिंग परीक्षा के लिए हब बन चुके कोटा शहर से एक चौंकाने वाली खबर आई है .खबर यह है कि जेईई मेन से एडवांस्ड की पात्रता हासिल करने के बावजूद इस वर्ष 70 हजार से अधिकविद्यार्थियों ने आईआईटी  एडवांस परीक्षा को ड्राॅप करने का फैसला किया है.

मिली जानकारी के अनुसार जेईई मेन्स स्कोर के आधार पर आईआईटी ने 2.31 लाख विद्यार्थियों ने एडवांस्ड के लिए पात्रता प्राप्त की . इनमें 1 लाख 60 हजार 716 ने ही एडवांस्ड फाॅर्म भरा है.जबकि दूसरी ओर सरकार तीन वर्षों से आईआईटी मेन से एडवांस्ड के लिए पात्रता प्राप्त करने वाले छात्रों की संख्या बढ़ाने की कोशिश कर रही है, ताकि अच्छे विद्यार्थी आएं. 2015 के बाद से हर साल आईआईटी ने मेन से एडवांस्ड की पात्रता पाने वाले छात्रों की संख्या बढ़ी है.इसके पूर्व तक मेन से एडवांस्ड में 1.50 लाख ही पात्रता प्राप्त करते थे. इसके बाद 2016 में 50 हजार बढ़ाकर यह कोटा 2 लाख तक किया, फिर 2017 में यह संख्या 2.20 लाख तक पहुंचाई गई.रजिस्ट्रेशन की संख्या घटने से अब आईआईटी की प्रत्येक सीट पर 21 की जगह 14 छात्रों में ही प्रतियोगिता रह जाएगी.

 

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