ये रिश्ता कुछ खास है माँ का बच्चे से …..

कहते हैं कि बेटा जब मां की गोद में होता है तो उसे दुनिया की कोई भी ताकत नुकसान नहीं पहुंचा सकती. ”मेरे पास मां है” दिवार फिल्म का ये संवाद तो आपने सुना ही होगा. जी हां दोस्तों इस संसार का हर वो व्यक्ति खुश नसीब है जिसके ऊपर मां की छत्र छायां है. इस दुनिया में हर बेटे के लिए सबसे ज्यादा कोई रिश्ता अहमियत रखता है तो वो रिश्ता है मां बेटे का रिश्ता. तारे जमीं पर फिल्म का गाना भी आने सुना ही होगा, यूं तो में बतलाता नहीं पर तेरी परवाह करता हूँ में मां.

मां-बेटे के रिश्ते में यूं भी हमे एक दूसरे की अहमियत बताने की जरुरत नहीं होती है. साल में 13 मई का दिन खास होता है क्योंकि इस दिन होता है मदर्स-डे. यूं तो जब हम बड़े हो जाते हैं और अपने काम के सिलसिले में कई बार घर से बाहर रहना पड़ता है और इस भाग-दौड़ भरी दुनिया में हम अपनी मां से फुर्सत में बैठ कर भी बात नहीं कर पाते लेकिन दोस्तों मदर्स-डे के दिन तो हमे पूरी कोशिश करना चाहिए कि हम अपनी मां के साथ फुर्सत के चंद समय बिता पाएं.

चलते-चलते दोस्तों आपके लिए मुनव्वर राना कि ये शायरी पेश है-

मेरी ख़्वाहिश है कि मैं फिर से फ़रिश्ता हो जाऊँ
माँ से इस तरह लिपट जाऊँ कि बच्चा हो जाऊँ

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