भाजपा के करीबी नेता और रिश्तेदारों ने फिर कांग्रेस का दामन थाम लिया….

अब  चुनावों को एक सप्ताह से भी कम समय अब बचा है, ऐसे में यह भाजपा का एक तरह का शक्ति प्रदर्शन था। इससे पहले केवल एक सप्ताह पहले ही कृष्णा के साथ भाजपा में आए उनके करीबी नेता और रिश्तेदारों ने फिर कांग्रेस का दामन थाम लिया। उनका कहना था कि भाजपा में उन्हें कोई मान-सम्मान नहीं मिल रहा है। यही नहीं, मदुर तालुके के भाजपा अध्यक्ष लक्ष्मण कुमार जिनकी सरपरस्ती में इस क्षेत्र में भाजपा का पहला कार्यालय खुला, ने भी भाजपा को बाय बोल दिया है।

कुमार, जिनके कार्यालय से ही भाजपा का प्रचार हो रहा था, ने टिकट न मिलने पर 29 अप्रैल को भाजपा को छोड़ने का ऐलान कर दिया है। उसके बाद कुमार के कार्यालय में लगे भाजपा के झंडे और अन्य पोस्टर यहां तक कि भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बी.एस. येद्दियुरप्पा के पोस्टर को भी ढक दिया गया है। उनके कार्यालय में अब सिर्फ कांग्रेस का झंडा ही दिख रहा है। एस.एम. कृष्णा के भतीजे गुरचरण का कहना था कि मेरे समर्थक चाहते थे कि हम पुन: कांग्रेस के पाले में चले जाएं। उन्होंने कहा कि भले ही कृष्णा ने पी.एम. संग मंच सांझा कर क्षेत्र को गौरवान्वित किया है लेकिन वह घर में अकेले रह गए हैं क्योंकि उनके सभी नजदीकियों ने पिछले सप्ताह कांग्रेस का दामन थाम लिया है। सूत्रों के अनुसार कृष्णा ने भी भाजपा की 1-2 रैलियों में ही शिरकत की है।

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