रविवार के दिन सूर्य मंत्रों का 108 बार जाप करने से जीवन में आरोग्य और सौभाग्य मिलता है…..

हिन्दी भावार्थ में सूर्य भगवान के उस श्रेष्ठ रूप, स्मरण  एवं इनकी विशेषताओं का वर्णन किया गया है 

नौ ग्रहों में सूर्य को सबसे पराक्रमी ग्रह माना गया है.जिनकी पवित्र आराधना से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. कल रविवार है. भगवान सूर्य देव का दिन. इस दिन सूर्य का पूजन, जल से अर्घ्य तथा सूर्य मंत्र का जाप करने का विशेष महत्व है. रविवार के दिन सूर्य मंत्रों का 108 बार जाप करने से जीवन में आरोग्य और सौभाग्य मिलता है.

सूर्य पूजा के उपाय : सूर्य देवता को जल चढ़ाएं.उन्हें लाल या गुलाबी फूल अर्पित करें .जल चढ़ाते समय ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौ स: सूर्याय नम: मंत्र का जाप करें . इसके अलावा सूर्यदेव का सरल मंत्र ‘ॐ घृ‍णिं सूर्य्य: आदित्य:’ की एक माला जरूर फेरें .इस दिन गुड़ का सेवन करें और लाल रंग की ड्रेस पहनें या लाल रूमाल रखें. आदित्य ह्रदय स्तोत्र का पाठ शुद्ध उच्चारण के साथ करें.

अति प्राचीन सूर्य प्रार्थना : प्रातः स्मरामि खलु तत्सवितुर्वरेण्यं रूपं हि मंडलमृचोऽथ तनुर्यजूंषि। सामानि यस्य किरणाः प्रभवादिहेतु, ब्रह्माहरात्मकमलक्ष्यमचिन्त्यरूपम्‌ प्रातर्नमामि तरणिं तनुवाङ्मनोभि- र्ब्रह्मेन्द्रपूर्वकसुरैर्नुतमर्चितं च। वृष्टिप्रमोचनविनिग्रहहेतुभूतं त्रैलोक्यपालनपरं त्रिगुणात्मकं च॥ प्रातर्भजामि सवितारमन्तशक्तिं तं सर्वलोककलनात्मककालमूर्तिं गोकण्ठबंधनविमचोनमादिदेवम्‌॥ श्लोकत्रयमिदं भानोः प्रातः प्रातः पठेत्‌ तु यः। स सर्वव्याधिनिर्मुक्तः परं सुखमवाप्नुयात्‌॥

 

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