ट्रंप हुए नाराज, भारत और चीन की सब्सिडी रोकना चाहते हैं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत और चीन जैसे विकासशील देशों को मिलने वाली सब्सिडी को खत्म करना चाहते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि वह अमेरिका को भी विकासशील देश मानते हैं और चाहते हैं कि किसी भी देश की तुलना में अमेरिका अन्य देशों के मुकाबले में ज्यादा तेजी के साथ आगे बढ़े।

फार्गो सिटी ऑफ नॉर्थ डकोटा में आयोजित एक फंड रेजर कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) पर चीन को बड़ी आर्थिक शक्ति बनने देने का आरोप लगाया।

ट्रंप ने कहा- “कुछ ऐसे देश हैं जिनकी अर्थव्यवस्था काफी तेजी के साथ आगे बढ़ रही है। कुछ देश अभी परिपक्त नहीं हुए हैं, इसलिए हम उन्हें सब्सिडी का भुगतान कर रहे हैं। सब मुर्खतापूर्ण है। भारत जैसे, चीन जैसे, अन्य देशों जैसों को हम ये कहते हैं कि वह वास्तव में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि ये सभी देश खुद को विकासशील देश कहते हैं और इस श्रेणी में वह सब्सिडी पाते हैं। ट्रंप ने आगे कहा- “हमें उन्हें पैसे देने पड़ते हैं। ये सभी चीजें मुर्खतापूर्ण हैं। हम इसे रोकने जा रहे हैं। हमने इसे रोक दिया है।”

श्रोताओं की शाबाशी के बीच उन्होंने कहा- “हम भी विकासशील देश हैं, ओके? जैसा कि मैं सोचता हूं, हम एक विकासशील देश हैं। मैं इस श्रेणी में लाना चाहता हूं क्योंकि हम भी आगे बढ़ रहे हैं। हम किसी भी देश को मुकाबले तेजी के साथ आगे बढ़ रहे हैं।”

डब्ल्यूटीओ पर हमला करते हुए ट्रंप ने कहा कि वे ऐसा सोचते हैं कि वर्ल्ड ट्रेड आर्गेनाइजेशन सभी के लिए बेकार था। उन्होंने कहा- “लेकिन बहुत लोग यह बात नहीं जानते हैं ये क्या है, इसने चीन को आर्थिक महाशक्ति बनने की इजाजत दी है।”

व्यापार घाटा जिसके चलते दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यस्था के बीच टैरिफ वॉर छिड़ा हुआ है, ट्रंप ने कहा- “मैं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंगा का बहुत बड़ा फैन हूं, लेकिन मैंने उनसे कह दिया है कि हमें निष्पक्ष रहना होगा।”

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