रोज स्नान करने के बाद करें इस मंत्र का जाप, सभी कष्टों से मिलती है मुक्ति

जैसा कि हम सब जानते हैं कि हमारी हिंदू संस्कृति में वेदों पुराणों आदि में अनेक प्रकार के मंत्रों का उल्लेख किया गया है। हिंदू धर्म में शामिल मंत्रों का जाप करने से हमारे जीवन में आने वाले अनेक कष्टों का निवारण होना संभव माना गया है। तो आज हम आपको इस मंत्र के बारे में बताएंगे जिसमें कोई भी व्यक्ति भगवान शिव के महामृत्युंजय मंत्र का उच्चारण लगातार करते हैं। उन व्यक्तियों के जीवन में आने वाले कष्ठ हमेशा के लिए दूर हो जाएंगे। भगवान शिव की इस मंत्र का उच्चारण लगातार करने से व्यक्ति की मानसिक व शारीरिक पीड़ा भी दूर होने लगती है। इस मंत्र का उच्चारण भी स्नान करने के बाद ही करना आवश्यक होता है। ताकि हमारे दुख दूर हो सकें।

महामृत्युंजय मंत्र निम्न प्रकार है।

ऊं त्रयम्बकंरम यजामहे सुगन्धित पुष्टिवर्धनं उर्वारुकमिवये बन्धनान् मृत्योर्मोक्षियम मामृतात्मह्।

मंत्र जाप के निम्न फायदे

सावन के पवित्र महीने में महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से आपकी धन संपत्ति में वृद्धि होने लगेगी। इस पवित्र महीने में भगवान शिव की पूजा अर्चना बड़े धूमधाम से की जाती है। भगवान शिव की पूजा में शिव जी को बेलपत्र अर्पण किया जाता है। तथा शिव जी के शिवलिंग पर पुष्प और दूध भी चढ़ाया जाता है। महामृत्युंजय मंत्र का उच्चारण सावन के पवित्र महीने में करने से हमें अत्यधिक लाभ प्राप्त होता है।

इस मंत्र का उच्चारण करने से मानसिक तनाव, दुख दर्द ,कष्ट तथा अपने पारिवारिक जीवन में चल रही कठिनाइयों से भी आपको तुरंत निजात मिल सकती है। दोस्तों इस प्रकार आप इस मंत्र का रोजाना सुबह उठकर स्नान करने के बाद इसका उच्चारण करते हैं तो आपको अपने जीवन में किसी भी कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा। और आप एक सफल और अच्छा जीवन जीने में सफल होंगे।

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