रावण के छोटे भाई कुंभकरण से जुड़ी यह सच्चाई जानकर दंग रह जाओगे

कुंभकरण एक ऐसा इंसान था जिसे ब्रम्हा जी ने 6 महीने सोने का वरदान दिया था। यह बात उस समय की है जब तीनों भाई ब्रम्हा जी को प्रसन्न करने के लिए कठोर तपस्या कर रहे थे। तब ब्रम्हा जी ने प्रसन्न होकर इन तीनों भाईयों को वरदान दिया था।

कुंभकरण अत्यंत बलवान इंसान था। इससे टक्कर लेने वाला कोई भी योद्धा पूरे जगत में नही था। ब्रम्हा जी के वरदान के कारण वह मदिरा पीकर 6 महीने तक सोता था।

कुंभकरण को जब पता चला की रावण ने माता सीता का हरण किया है तो उसे बहुत दुख हुआ था क्योंकी वह जानता था की माता सीता स्वयं भगवान विष्णु की पत्नी है।

कुंभकरण भगवान विष्णु के अवतार राम से भलीभांति परिचित थे जिसकी वजह से उसने रावण को कई बार समझाने का प्रयास किया की वह माता सीता को राम को लौटा दे और भगवान श्री राम के चरण में चला जाए।

कुंभकरण भगवान राम से युद्ध नही करना चाहता था लेकीन अपने बड़े भाई का मान रखने के लिए उसने युद्ध में भाग लिया और वीर गति को प्राप्त हुआ।

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