नेपाल ने दिया भारत को झटका, आतंकवाद विरोधी सैन्य अभ्यास में शामिल होने से किया इंकार

नेपाल ने भारत में होने जा रहे बिम्सटेक के पहले सैन्य अभ्यास में हिस्सा नहीं लेगा। पड़ोसी देश ने एक राजनीतिक विवाद के बाद यह फैसला लिया है। शनिवार को मीडिया में आई खबरों में कहा गया कि बिम्सटेक देशों के सैन्य अभ्यास में नेपाली सेना के शामिल होने को लेकर देश में राजनीतिक विवाद पैदा हो गया था, जिसके बाद यह निर्णय किया गया।

प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली ने राष्ट्रीय रक्षा बल से कहा कि वह अभ्यास में हिस्सा नहीं लें। प्रधानमंत्री के निर्देश के बाद नेपाली सैन्य नेतृत्व को भारत की पहल पर बनाए गए क्षेत्रीय समूह बिम्सटेक के पहले सैन्य अभ्यास से अपने कदम पीछे खींचने पड़े। ‘काठमांडो पोस्ट’ की खबर के मुताबिक यह फैसला ऐसे समय में किया गया जब कल ही नेपाली सेना का एक दस्ता पुणे रवाना होने वाला था।

बता दें कि बिम्सटेक भारत सहित 7 देशों का संगठन है। पुणे में 10 से 16 सितंबर तक सैन्य अभ्यास, आतंकवाद विरोधी सैन्य अभ्यास से होना है। सोमवार से पुणे में ही बिम्सटेक देशों का सैन्य अभ्यास शुरू होने वाला है। सत्ताधारी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के प्रभावशाली नेताओं समेत अलग-अलग हलकों से कड़ी आलोचना के बाद सरकार ने यह फैसला किया। बे ऑफ बंगाल इनीशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकनॉमिक को-ऑपरेशन (बिम्सटेक) एक क्षेत्रीय संगठन हैं जिसमें भारत, म्यांमा, श्रीलंका, थाइलैंड, भूटान और नेपाल सदस्य देशों के तौर पर शामिल हैं। सभी सात सदस्य देशों की थलसेनाएं छह दिवसीय अभ्यास के लिए 30-30 सदस्यों का अपना दस्ता भेजने पर सहमत हुई थीं।

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