यहाँ हर शख्स को 15 लाख रुपए से कम सैलरी नहीं मिलती…..

बात चाहे किसी भी देश की हो वर्कर्स की स्थिति हमेशा चिंता का विषय रही है। अमूमन जगहों पर इन्हें अपने काम के एवज में कम सैलरी ही मिलती है।

लेकिन दुनिया में कुछ देश ऐसे भी हैं, जहां वर्कर्स की हालत बहुत अच्छी है और इन्हें अच्छी खासी सैलरी मिलती है। 1 मई यानी लेबर डे पर हम उन देशों के बारे में बता रहे हैं जहां न्यूनतम सैलरी भी 15 से 19 लाख रुपए तक सालाना है। इसमें लग्जमबर्ग सबसे पहले नंबर पर है।

लग्जमबर्ग : 
करीब 15 लाख 19 हजार रु.
न्यूनतम सैलरी (सालाना)
काम के घंटे (प्रति हफ्ते) – 40

पूरी दुनिया में लग्जमबर्ग ही ऐसा देश हैं, जहां न्यूनतम सैलरी सबसे ज्यादा है। यहां पर काम करने वाले लीगल वर्कर्स को एक घंटे के काम के बदले करीब 730 रुपए मिलते हैं।

 

नीदरलैंड : 
करीब 14 लाख 77 हजार रु.
न्यूनतम सैलरी (सालाना)
काम के घंटे (प्रति हफ्ते) – 48

ऑस्ट्रेलिया : 
करीब 14 लाख 61 हजार रु.
न्यूनतम सैलरी (सालाना)
काम के घंटे (प्रति हफ्ते) – 38

 

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