आपके लिए वरदान से कम नहीं है सरसों का तेल

सरसों के तेल का उपयोग सदियों से खाद्य पदार्थ के रूप में किया जाता है और अधिकांश भारतीय घरों में मुख्य रूप से इसे इस्तेमाल किया जाता है. अपने दैनिक आहार में सरसों तेल को शामिल करना हार्ट डिजीज से बचाव के लिए जाना जाता है. चलिए जानते हैं इसके फायदों के बारे में.

कोलेस्ट्रॉल घटाने में मददगार-
सरसों का तेल मोनोअनसचुरेटेटेड फैट और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट से भरपूर है, जो खराब कोलेस्ट्रॉल को घटाने में मदद करते हैं और अच्छे एचडीएल कोलेस्ट्रॉल बढ़ाते हैं, ताकि कोलेस्ट्रॉल का संतुलन बना रहे. इससे हृदय की कार्यप्रणाली स्वस्थ बनी रहती है.

इंफेक्शन से लड़ने में मददगार-
सरसों का तेल एक एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरस और एंटीफंगल एजेंट के रूप में भी अच्छी तरह काम करता है और डायजेस्टिव सिस्टम में बैक्टीरिया के इंफेक्शन से लड़ने में मदद कर सकता है.

डीप फ्राइंग के लिए बेस्ट-
तीखे स्वाद के कारण सरसों का तेल किसी भी पकवान का स्वाद जबरदस्त तरीके से बढ़ा देता है. लेकिन सरसों के तेल को खाना पकाने के लिए एकमात्र माध्यम के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए और इसके बजाय आप व्यंजन के आधार पर विभिन्न तेलों के संयोजन का उपयोग कर सकते हैं. सरसों के तेल का स्मोकिंग पॉइंट ज्यादा होता है, इसलिए यह डीप फ्राइंग के लिए बेस्ट है.

अन्य तेलों से बेहतर-
सरसों का तेल ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड के बेस्ट प्रपोशन और सैचुरेटेड फैट की कम मात्रा के कारण अन्य तेलों से यह बेहतर है.

कैंसर से लड़ने में मददगार-
सरसों के तेल में कैंसर से लड़ने वाले तत्व काफी अधिक होते हैं और इसमें भारी मात्रा में लिनोलिनिक एसिड होता है, जो ओमेगा-3 फैटी एसिड में परिवर्तित हो जाता है और कैंसर को रोकने में मदद करता है.

दिल के लिए फायदेमंद-
सरसों का तेल दिल के लिए भी फायदेमंद है, क्योंकि इसमें एमयूएफए और पीयूएफए के साथ ही ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड होते हैं. ये फैट हार्ट डिजीज के जोखिम को कम करते हैं. ये डायजेशन में सुधार करता है और डायजेशन को तैयार करने में मदद कर भूख बढ़ाता है.

इन चीजों के लिए खास है सरसों का तेल-

सरसों का तेल शाकाहारी और मांसाहारी दोनों ही व्यंजनों का पूरक है, लेकिन सभी तरह के अचार का स्वाद सरसों तेल में सबसे बेहतर होता है.

सरसों का तेल नींबू और शहद के साथ एक सलाद ड्रेसिंग के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है.

इसके अलावा बंगाली भोजन में खासतौर से बहुत सारे मछली के व्यंजनों में सरसों का इस्तेमाल जरूरी है, जिसमें सरसों बाटा माछ, पटुरी मछली और अन्य व्यंजन जैसे मांगसाओ (मटन), मुर्गीर झोल (चिकन) शामिल हैं. इन व्यंजनों का स्वाद तभी उभर कर आता है, जब उसे सरसों के तेल में पकाया जाता है.

शोरशे बाटा इलिश और चिंगरी भापा जैसे खाद्य पदार्थ सरसों तेल के प्रचुर उपयोग के बिना इतने स्वादिष्ट बन ही नहीं सकते.

सर्दी खांसी और मालिश के लिए बहुत अच्छा-

सरसों का तेल सर्दी के दौरान मालिश के लिए बहुत अच्छा है, क्योंकि यह शरीर में गर्मी पैदा करता है और ठंड से शरीर को बचाता है.

राजस्थान के लोग सर्दियों के दौरान अपने शरीर पर सरसों के तेल की मालिश करते हैं, ताकि त्वचा को साफ और खुद को स्वस्थ बनाए रख सकें.

सरसों का तेल सर्दी खांसी के इलाज के रूप में सदियों से बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता रहा है

Facebook Comments