अचानक घटने लगे वजन तो इन 10 वजहों पर दें ध्यान

आप डाइटिंग या वजन घटाने के लिए वर्कआउट भी नहीं कर रहे तब भी तेजी से आपका वजन घटता जा रहा है। यह खुश होने की नहीं चिंता की बात है क्योंकि बिना किसी कोशिश के वजन घटना और थकान बहुत सी बीमारियों के दो आम लक्षण हैं। इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। कोकिलाबेन धीरूभाई हॉस्पिटल की चीफ डाइटीशियन भक्ति सामंत का कहना  है कि बिना जिम जाए और खानपान में बदलाव किए बिना दो से तीन महीने में व्‍यक्ति का वजन 5-6 किलो तक कम हो सकता है। मगर, वजन का तेजी से घटना गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है।
इसलिए बिना किसी खास कोशिश के वजन घट रहा है तो उसका कारण जानना बहुत जरूरी है। बिना कोशिश के 6 हफ्ते में शरीर के वजन का 5% घटना खतरे का संकेत हो सकता है, इसके लिए तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

डायबिटीज
डायबिटीज एक मेटाबॉलिक समस्या है जिसमें आपके शरीर में ब्ल़ड शुगर स्तर बढ़ जाता है। इसके दो कारण हो सकते हैं, या तो ये कि आपके शरीर में इंसुलिन का निर्माण न हो पा रहा हो या फिर आपका शरीर इंसुलिन के लिए प्रतिक्रिया नहीं कर पा रहा हो, या फिर ये दोनों ही कारण हो सकते हैं।

थाइरॉयड
थाइरॉयड ग्लैंड हॉर्मोन थाइरॉयड का निर्माण करते हैं जो कि शरीर का मेटाबॉलिज्म नियंत्रित करते हैं। उदाहरण के लिए, आपके दिल की धड़कन, आप कितनी जल्दी कैलोरी बर्न करते हैं और पाचन क्रिया। ये शरीर में कैल्शियम के स्तर को भी नियंत्रित करते हैं। जब थाइरॉयड ग्लैंड बहुत अधिक थाइरॉयड का निर्माण कर देते हैं तो उस स्थिति को हाइपरथायरॉयडिज़्म कहते हैं।

ट्यूबरक्लॉसिस 
टीबी को तपेदिक, क्षय और यक्षमा जैसे कई नामों से जाना जाता है। तपेदिक संक्रामक रोग होता है जो माइकोबैक्टिरीअम ट्यूबरक्लॉसिस नामक जीवाणु के कारण होता है। इस बीमारी का किडनी, रीढ़ की हड्डी या दिमाग पर असर भी पड़ सकता है।

कैंसर
कैंसर में असमान्य कोशिकाओं का शरीर के किसी भी हिस्से में विकास होने लगता है। कैंसर त्वचा या फिर कोशिकाओं से शुरू हो सकता है और फिर शरीर में कहीं भी फैल सकता है। जब कैंसर दिमाग और रीढ़ की हड्डी में होता है तो उसे सेंट्रल नर्वस सिस्टम कैंसर कहते हैं। हर प्रकार के कैंसर के लक्षण अलग हो सकते हैं लेकिन कुछ लक्षण ऐसे भी हैं जो कि सामान्य हैं।

लीवर की बीमारी
लीवर का काम शरीर से विषैले तत्वों को बाहर कर खाने का पाचन सही करना होता है। इस अंग के गड़बड़ काम करने से यह प्रक्रिया सबसे पहले बाधित होती है। इसलिए जिगर से संबंधित बीमारियों में व्यक्ति का खानपान सबसे ज्यादा प्रभावित होता है।

नशा
नशा करने वाले लोगों में अचानक से वजन घटने की समस्या देखने को मिलती है। अक्सर देखा गया है कि खाने के प्रति अनिच्छा से संबंधित मानसिक विकार एनोरेक्सिया या बुलीमिया के शिकार लोग भूख दबाने के लिए सिगरेट का सहारा लेते हैं। कुछ अन्य नशे के आदी लोग कई-कई घंटे तक खाना भूल जाते हैं।

एचआईवी/एड्स
एचआईवी भी अन्य वायरस की तरह ही एक वायरस है, बस इसमें एक बहुत बड़ा फर्क ये है कि जबां अन्य वायरसों को हमारा इम्यून सिस्टम खत्म कर देता है, वहां इस वायरस को खत्म नहीं किया जा सकता। बल्कि, ये वायरस हमारे इम्यून सिस्टम को नष्ट कर देता है। शुरू में एचआईवी इंफेक्शन के लक्षण ठीक से नजर नहीं आते लेकिन एड्स की तरफ बढ़ने पर बुखार, गले में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, लिंफ नॉड्स की सूजन, थकान जैसे लक्षण दिखने लगते हैं। वजन अचानक से घट जाता है और सांस की समस्या भी हो सकती है।

डिप्रेशन
अवसादग्रस्त व्यक्ति कई-कई दिनों तक उदासी, परेशानी, चिंता या चिड़चिड़ापन महसूस होता रहता है। ऐसे में उसे कम या ज्यादा सोना, ध्यान केंद्रत करने में समस्या, नकारात्मक विचार, निराशा की भावना, लाचारी महसूस करना, चिड़चिड़ापन, खाने के प्रति अनिच्छा भी होती है। इससे अचानक उनका बहुत ज्यादा वजन घटने लगता है।

फेफड़ों की बीमारियां 
सीओपीडी (क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पलमोनरी डिजीज) फेफड़ों की बीमारियों का एक समूह है जिनमें सांस लेने में दिक्कत होती है। फेफड़ों तक हवा ले जाने वाली नली ब्रोंकिअल में सूजन के कारण हवा नहीं पहुंच पाती। इससे फेफड़ों को नुकसान होता है। इस बीमारी में भी अचानक वजन कम होने लगता है।

हार्मोन संबंधी विकार
एडीसन्स डिजीज एक हॉर्मोनल डिसॉर्डर है जिसमें एड्रीनल ग्लैंड्स अपर्याप्त मात्रा में हॉर्मोन का निर्माण करते हैं। खासतौर पर कॉर्टिसोल और कुछ मामलों में एल्डोस्टेरॉन भी। ये सभी उम्र के लोगों और महिलाओं व पुरूषों दोनों को हो सकता है। इसके असर से भी अचानक वजन गिरने की समस्या हो सकती है।

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