पहली बार ओपनिंग पर आए सहवाग ने जब 70 गेंदों पर ठोके थे 100 रन

जिस तरह महेंद्र सिंह धोनी को मैच का अंत छक्के मारकर करने के कारण जाना जाता है उसी तरह सहवाग को मैच की पहली ही गेंद पर चौका लगाने के लिए। 2011 में जब टीम इंडिया ने वल्र्ड कप जीता था तब सहवान ने हर मैच में अपने रनों का खाता चौका मारकर ही खोला था। कई मैच ऐसे थे जब उन्होंने पहली ही गेंद पर चौका लगाया। लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे हैं, वीरेंद्र सहवाग का वह पहला मैच जिसमें उन्होंने ओपनिंग पर आते ही न्यूजीलैंड के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाकर रख दी थी। हम बात कर रहे 2001 में हुई कोका कोला कप सीरीज की।
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सीरीज के तहत नौवां मैच भारत और न्यूजीलैंड का होना था। न्यूजीलैंड के लिए मैथ्यू सिन्क्लेयर और नाथन एस्टेल ने शुरुआत की। हालांकि सिन्क्लेयर को जहीर खान ने मात्र 3 रन पर बादानी के हाथों कैच करवाकर टीम इंडिया को बढिय़ा शुरुआत दी। लेकिन दूसरी तरफ एस्टेल ने कप्तान स्टेपन फ्लेमिंग के साथ मिलकर न्यूजीलैंड का स्कोर आगे बढ़ाना शुरु कर दिया। अपने स्वभाव से ऊलट एस्टल ने 143 गेंदों में नौ चौके पर 108 रन बनाए। इसी तरह फ्लेमिंग ने 91 गेंदों में सात चौकों की मदद से 66 रन बनाए। मध्यक्रम बल्लेबाज लियो विंसेट ने तीन चौके और दो छक्कों की मदद से 45 रन बनाकर न्यूजीलैंड का स्कोर 264 तक पहुंचाया।
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इसके बाद सचिन तेंदुलकर की गैरमौजूदगी में ओपनिंग के लिए प्रमोट हुए सहवाग ने कप्तान सौरव गांगुली के साथ मिलकर न्यूजीलैंड के बॉलरों की यूं बखियां उधेड़ी कि क्रिकेट जगत इस नए बल्लेबाज की शॉट सेलेक्शन देकर हैरान हो गए। सहवाग ने इस मैच में 19 चौके और एक छक्का लगाया। इसके साथ ही उन्होंने 69 गेंदों में शतक भी पूरा किया। ऐसा कर उन्होंने मोहम्मद अजहरुद्दीन (62 गेंदों में 100 विरुद्ध न्यूजीलैंड) के दूसरा सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड बनाया था।
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सहवाग की पिटाई का आलम यह रहा कि टीम इंडिया का 23 ओवर में ही स्कोर 143 रन हो गया था। इसके बाद राहुल द्रविड़ ने 57 तो हेमांग बादानी ने 35 रन बनाकर टीम इंडिया को जीत दिला दी। सहवाग ने मैच के दौरान न्यूजीलैंड के सभी प्रमुख गेंदबाजों डैरल टफी, काइल्स मिल्स और डयूक नैश से छह से ज्यादा की औसत से रन खींचे।

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