हाथी और उसके बच्चे को लगी आग, जानिए सच्चाई?

 सोशल मीडिया पर जो चीज आती है और वो लोगों पर छाप छोड़ जाती है वो वायरल हो जाती है. ऐसी ही एक फोटो वायरल हो रही है. जिसमें हाथी और उसके बच्चे को आग लग गई है और बचने के लिए वो इधर-उधर भग रहे हैं. जिसको देखकर लोग भी डर जाते हैं और दूर भागने लगते हैं. सोशल मीडिया पर ये फोटो खूब वायरल हो रही है. लेकिन इस फोटो की सच्चाई बहुत कम लोग जान पाए हैं. आइए जानते हैं क्या है इस फोटो की सच्चाई…

पश्चिम बंगाल की है यह फोटो
दरहसल ये फोटो बंगाल के बांकुड़ा जिले की है. जहां हाथियों पर कई अत्याचार होते हैं. ये फोटो फोटोग्राफर विप्लव हाजरा ने क्लिक की है. इस फोटो के लिए उन्हें सैंक्चुअरी वाइल्डलाइफ फटॉग्रफी अवॉर्ड मिला है. इस फोटो के पीछे की कहानी थोड़ी अलग है. इस फोटो को देखकर लग रहा होगा कि हाथी लोगों को परेशान कर रहे हैं. लेकिन, असल में लोगों ने हाथी और उसके बच्चे पर पटाखे और बम फेंके थे. जिससे बचने के लिए वो दोनों जंगल की और भाग रहे हैं. हाथी का बच्चा आग लगने की वजह से जोर-जोर से चिल्ला रहा है और लोग भगते नजर आ रहे हैं.

फाउंडेशन ने प्रेस रिलीज कर बताई सच्चाई
सैंक्चुअरी नेचर फाउंडेशन ने प्रेस रिलीज करते हुए लिखा है- ‘पश्चिम बंगाल के बांकुरा में हाथियों पर यह अत्याचार आम है. इसके अलावा असम, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु में के कई हिस्सों में भी हाथियों को ऐसे ही प्रताड़ित किया जाता है.’ आपको बता दें, यहां हाथियों और आम लोगों के बीच संघर्ष की खबरें आती रहती हैं. पर्यावरण मंत्रालय की रिपोर्ट की मानें तो 2014 से लेकर अब तक 84 हाथियों को मारा जा चुका है. शिकार हाथी के दांतों के चक्कर में उनको मारने की फिराक में रहते हैं.

हर साल देते हैं बेस्ट वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी अवॉर्ड
सैंक्चुअरी नेचर फाउंडेशन एक एनजीओ है जो पर्यावरण के क्षेत्र में काम करता है. वो हर साल बेस्ट वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर को अवॉर्ड देती है. इस बार इस फोटो के लिए इस फाउनडेशन ने फोटोग्राफर विप्लव हाजरा को सम्मानित किया है.

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