दोपहर में है अगर सोने की आदत है तो पढ़ लें ये खबर….

Businessman sleeping on laptop at desk in office

हाल ही में हुई एक स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ है। शोधकर्ताओं के मुताबिक दिन में सोने से यादें खो जाती हैं और साथ ही किसी न किसी चीज का डर सताने लगता है। इसके पीछे शोधकर्ताओं ने यह तर्क दिया है कि दिन में सोने से व्यक्ति के दिमाग में ऐसी बातें आने लगती हैं, जिनका हकीकत से कोई वास्ता नहीं होता है। इसी कारण व्यक्ति का दिमाग मनगढ़ंत यादों में उलझने लगता है।

रिपोर्ट के मुताबिक यह रिसर्च लैंकास्टर यूनिवर्सिटी में की गई। इस रिसर्च में यह भी कहा गया कि व्यक्ति द्वारा दिन में ली गई एक घंटा और 45 मिनट की नींद से ही यादों को भूल सकते हैं। दिन में सोने का सबसे ज्यादा असर दिमाग के दाएं हिस्से में होता है और उस हिस्से की यादें भूल जानी होती हैं।

विशेषज्ञों की मानें तो उन्होंने बताया कि सोने के दौरान दिमाग जो प्रक्रिया करता है, दिन में सोने से वह उसका उल्टा असर कर देता है और यही कारण है कि याददाश्त कमजोर हो जाती है। दिमाग के दाएं हिस्से में ज्यादातर ऐसी यादें रहती हैं, जो आभासी रहती हैं। वहीं दिन में सोने पर यह हिस्सा सबसे ज्यादा प्रभावित होता है और यही कारण है कि इस हिस्से में इकट्ठा यादें व्यक्ति भूल जाता है।

 

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