कहा- ‘हर हर गंगे’…प्रयागराज में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने संगम तट पर किया शाही स्नान

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने संगम में शाही स्नान की फोटो ट्वीटर और इंस्टाग्राम में शेयर की है। उन्होंने फोटो शेयर कर कैप्शन में हर हर गंगे लिखा है। प्रयागराज में कुंभ 2019 शुरू हो चुका है। पहले दिन शाही स्नान में तमाम आम और खास लोगों ने हिस्सा लिया। प्रयागराज में शाही स्नान के साथ कुंभ का आगाज हो चुका है, जहां सबसे पहले विभिन्न अखाड़ों के साधू-संतों ने जुलूस निकालकर शाही स्नान किया।

स्मृति ईरानी के अलावा निरंजनी अखाड़े की नवनियुक्त महामंडलेस्वर केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने भी अखाड़ा के साधु-महात्माओं के काफिले के साथ शाही स्नान किया। वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने भी जनता को अर्ध कुंभ की बधाई दी और जनता से मेले में शामिल होने की अपील की है। प्रधानमंत्री मोदी ने एक वीडियो ट्वीट करते हुए कहा कि ‘मुझे आशा है कि इस अवसर पर देश-विदेश के श्रद्धालुओं को भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक विविधताओं के दर्शन होंगे। मेरी कामना है कि अधिक से अधिक लोग इस दिव्य और भव्य आयोजन का हिस्सा बनें।

कुंभ में सबसे पहले संतों के स्नान की परंपरा है, जिसके चलते सभी अखाड़ों को अलग-अलग वक्त दिया जाता है। इस बार शाही स्नान की शुरुआत 5:30 बजे से शुरू हुआ जो कि 4:30 बजे तक चलेगा। हजारों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक कुंभ के पहले शाही स्नान में हिस्सा लेने के लिए प्रयागराज पहुंचे हैं। कुंभ मेला 4 मार्च तक चलेगा। करोड़ों की संख्या में लोगों के इसमें शामिल होने की उम्मीद है।

कुंभ मेले में करीब 500 सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ-साथ लेजर शो और पेंटिंग, स्टैट्यू और प्रदर्शनी से जुड़े कार्यक्रम भी होंगे। शहर में तमाम जगहों पर टीवी स्क्रीन भी लगाए गए हैं। पहले दिन शाही स्नान के मौके पर हेलिकॉप्टर से फूलों की बारिश भी की गई। कुंभ मेला के डीएम विजयकिरण आनंद ने कहा कि सुबह 9 बजे तक 50 लाख लोगों ने स्नान कर लिया। मिली जानकारी के मुताबिक, ठंड की वजह से करीब 2 दर्जन श्रद्धालु बेहोश हो गए। कुंभ मेला में 13 अखाड़े हैं। इनमें 7 शैवा तथा तीन-तीन वैष्णवा और उदासीन अखारे हैं। 4 मार्च को महाशिवरात्रि के मौके पर आखिरी स्नान का कार्यक्रम होगा। 2019 कुंभ मेले में स्नान करने के शुभ दिन 15 जनवरी (मकर संक्रांति), 21 जनवरी (पौष पूर्णिमा), 4 फरवरी (मौनी अमावस्या), 10 फरवरी (बसंत पंचमी), 19 फरवरी (माघी पूर्णिमा) और 4 मार्च हैं।

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