प्रदेश की पेयजल योजनाओं के संरक्षण के लिए 800 करोड़ रुपए खर्च…..

प्रदेश की पेयजल योजनाओं के संरक्षण के लिए 800 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यह बात सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने चम्बा प्रवास के दौरान विश्राम गृह सिहुंता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में वर्ष 1970 से 2000 तक 3 दशकों के दौरान स्थापित की गई पेयजल योजनाओं के संरक्षण के लिए प्रदेश सरकार 800 करोड़ रुपए व्यय करने की योजना तैयार कर रही है।

प्रदेश में पर्याप्त जल भंडार व योजनाओं के बावजूद पेयजल लाइनों में होने वाले रिसाव के कारण इन योजनाओं का पूरा लाभ आम जनमानस तक नहीं पहुंच पाता है। उन्होंने कहा कि अधिकांश पानी रिसाव के कारण व्यर्थ बह जाता है तथा पानी की किल्लत लोगों को झेलना पड़ती है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में अनेक बहुआयामी पेयजल योजनाओं के होने के बावजूद वर्तमान में पेयजल समस्या चल रही है। इन परियोजनाओं को शत-प्रतिशत लीकेज रहित बनाने के लिए इस योजना पर सरकार बल दे रही है। इसके अलावा 20,000 के लगभग जल भंडारण टैंकों को लीकेज मुक्त करने की कार्ययोजना भी विभाग तैयार कर रहा है ताकि पेयजल की जरूरत सुचारू व नियमित रूप से पूरी हो सके।

जलवायु संरक्षण के लिए वर्षा जल संरक्षण व संवद्र्धन के लिए भी सरकार बड़े स्तर पर कार्य कर रही है। इसके साथ ही भटियात के विधायक विक्रम जरयाल की मांग को सहमति देते हुए उन्होंने कहा कि भटियात में जहां भी पानी की आवश्यकता होगी, विधायक प्राथमिकता में शामिल उन योजनाओं को शीघ्र स्वीकृति देने के साथ पूरा करवाने के लिए भी सहयोग प्रदान किया जाएगा।

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