एसिडिटी और पेट में जलन की शिकायत का रामबाण इलाज…..

इसके पीछे कई कारण होते हैं लेकिन पेट में अधिक अम्लता के कारण पेट में जलन शुरू हो जाती है और फिर यह जलन सीने तक पहुंच जाती है।आमतौर पर ज्यादातर लोगों को पेट में जलन की समस्या होती है और फिर वे परेशान हो जाते हैं।

इसके कारण सीने और पेट में व्यक्ति को परेशानी महसूस होने लगती है। पेट में जलन की समस्या कब्ज, भोजन से एलर्जी, बैक्टीरियल सिंड्रोम, अल्सर आदि के कारण होती है। इसके अलावा धूम्रपान, मोटापा, तनाव, शराब पीने और खराब भोजन से भी पेट में जलन की समस्या हो जाती है।

पेट में जलन की समस्या उत्पन्न होने पर इसके कई लक्षण दिखाई देते हैं। जैसे कि सीने में जलन, कब्ज, जी मिचलाना और उल्टी, सूजन, खट्टी डकार, कफ, हिचकी आदि लक्षणों का सामना करना पड़ता है। हम आपको इस समस्या से निजात पाने के लिए कुछ घरेलू उपाय बता रहे हैं।

एप्पल साइडर विनेगर पेट की जलन से निजात दिलाने के लिए एक अच्छा घरेलू उपाय माना जाता है। यह पेट में अम्ल के स्तर को संतुलित करता है। दो चम्मच कच्चे साइडर एप्पल विनेगर को एक गिलास गर्म पानी में मिलाएं और इसमें शहद मिलाकर इसका सेवन करें। जरूर लाभ होगा।

 

एलोवेरा पेट की जलन में ठंडक पहुंचाता है और यह सीने के जलन को भी कम करता है। भोजन से पहले आधा कप एलोवेरा जूस का सेवन करने से पेट से संबंधित समस्या नहीं होती है और यह पेट के जलन को शांत कर देता है।

दही में प्रोबायोटिक्स और हेल्दी बैक्टीरिया होता है जो अच्छे पाचन के लिए अच्छा होता है। इसलिए पेट के जलन को कम करने के लिए भोजन में दही जरूर शामिल करें। यह पेट की जलन में ठंडक पहुंचाने का कार्य करता है।

कोल्ड मिल्क एसिडिटी में पेट को राहत प्रदान करता है और पेट के जलन को कम करता है। इसलिए ऐसी समस्या होने पर भोजन के बाद ठंडा दूध पीएं। नियमित ठंडा दूध पीने से पेट में जलन की समस्या नहीं होती है।

ग्रीन टी या पिपरमिंट टी में एंटी इंफ्लैमेटरी गुण होता है जो पेट को शांत रखता है। इसलिए पेट में जलन होने पर ग्रीन टी या पिपरमिंट टी का सेवन करें। यह पेट की जलन को शांत करने में मदद करता है।

अदरक पोषक तत्वों को अच्छी तरह अवशोषित करता है और पाचन को मजबूत बनाता है। यह पेट के जलन को दूर भगाने में मदद करता है इसलिए अदरक का सेवन करना चाहिए।

केला, पपीता और सेब में पेट की जलन को दूर भगाने के प्राकृतिक गुण पाये जाते हैं। रोजाना इनमें से एक फल खाने से पेट को राहत मिलती है।

कैमोमाइट टी में पेट की जलन को शांत करने के गुण पाये जाते हैं। दो चम्मच सूखे कैमोमाइल के फूल को गर्म पानी में मिलाएं और पांच मिनट उबालकर चान लें और शहद मिलाकर पी जाएं। बादाम पेट के हानिकारक जूस को बेअसर कर देता है और पेट की जलन में राहत प्रदान करता है। भोजन के बाद पांच या छह बादाम का सेवन करने से इस समस्या में राहत मिलती है।

तुलसी में औषधीय गुण पाये जाते हैं जो की जलन को तुरंत शांत कर देते हैं। बेसिल के पत्ते को पंद्रह मिनट तक उबालकर छान ले और इसमें शहद मिलाकर पीयें। स्लीपरी एल्म हर्ब पेट की जलन को दूर करने का एक बेहतर घरेलू उपाय है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट होता है। एक चम्मच स्लीपरी हर्ब को पानी में उबालकर दिन में दो बार पीने से राहत मिलती है।

 

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