सीबीआई ने कहा- डॉक्टर देता था नशीला इंजेक्शन, महिला सिखाती थी नाबालिगों को सेक्स : मुजफ्फरपुर कांड

मुजफ्फरपुर कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर की करीबी मधु कुमारी उर्फ सजिस्ता प्रवीण ने मंगलवार को मुजफ्फरपुर की सीबीआई अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। सीबीआई के अधिकारियों ने इसे बड़ी गिरफ्तार करार दिया है, जिसके पास बालिका गृह की हर गतिविधियों की जानकारी है।

संयोगवश, मंगलवार को ही बेगुसराय कोर्ट में बिहार की पूर्व सामाजिक कल्याण मंत्री मंजू वर्मा ने भी सरेंडर किया।

मधु के बयान के आधार पर सीबीआई ने डॉक्टर अश्विनी कुमार को गिरफ्तार किया है। डॉक्टर अश्विनी पर बालिका गृह की लड़कियों को नियमित तौर पर नशीले इंजेक्शन लगाने का आरोप है।

मधु का सरेंडर करना काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि जब से मुजफ्फरपुर कांड सामने आया वो अंडरग्राउंड हो गई थी। बालिका गृह में कम से कम 30 लड़कियों का खौफनाक तरीके से यौन शोषण करने का सनसनीखेज मामला सामने आया था।

सरेंडर के फौरन बाद उसे पॉक्सो (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेन्सेज) एक्ट के तहत कोर्ट में पेश किया गया। उसके बाद, सीबीआई ने उसे पूछताछ के लिए रिमांड पर ले लिया। सीबीआई मधु कुमारी से पिछले दो से तीन महीने के अंदर उसके छिपकर रहने के अलग-अलग ठिकाने और बालिक गृह की गतिविधियों के बारे में जानकारियां निकलवाने का प्रयास करेगी।

सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि मधु की गिरफ्तार इस केस में काफी अहम है। पूछताछ के दौरान जांच एजेंसी को यह पता चला कि “वह बालिका गृह की नाबालिग लड़कियों को सिखाती की सेक्स कैसे करें।” आत्मसमर्पण करने से पहले संवाददाताओं से बात करते हुए मधु ने कहा कि वह निर्दोष है और उसका नाम एफआईआर तक में नहीं है।

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