‘मर्सिडीज कार और दूध पर एक टैक्स नहीं लगाया जा सकता’ : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि जीएसटी को सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करते हुये इस तरह तैयार किया गया है कि इससे इंस्पेक्टर राज समाप्त हो जाये। रिटर्न दाखिल करने से लेकर रिफंड लेने तक सब कुछ आनलाइन रखा गया है।

जीएसटी दिवस पर इस टैक्स प्रणाली के विरोध में उतरे विपक्ष पर पीएम मोदी ने करारा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि जीएसटी के तहत सभी वस्तुओं पर 18 प्रतिशत की एक समान दर से कर नहीं लगाया जा सकता। इससे खाद्यान्न और कई जरूरी वस्तुओं पर टैक्स बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा कि मर्सिडीज कार और दूध पर एक ही दर से टैक्स नहीं लगाया जा सकता।

पीएम मोदी ने जीएसटी को जटिल बताने वालों को जवाब देते हुये कहा कि इसमें करीब 350 करोड़ बिलों को अब तक प्रसंस्कृत किया जा चुका है। 11 करोड़ रिटर्न दाखिल हुए हैं। अगर जीएसटी वास्तव में जटिल है तो क्या हम इस तरह के आंकड़ों की उम्मीद कर सकते हैं?

उन्होंने कहा की देशभर में चेक-पोस्ट हटा लिये गये हैं, अब राज्यों की सीमाओं पर ट्रकों की लंबी लाइनें नहीं लगतीं हैं। इससे न केवल ट्रक ड्राइवरों का महत्वपूर्णसमय बचता है बल्कि समूचे माल परिवहन क्षेत्र को इससे बढ़ावा मिलता है और देश की उत्पादकता बढ़ी है। अगर जीएसटी जटिल प्रक्रिया है तो क्या यह हो सकता है?

जीएसटी क्रियान्वयन को लेकर हुई आलोचना पर उन्होंने कहा कि यह नई कर व्यवस्था एक बड़ा बदलाव था, दुनिया की इस सबसे बड़ी आर्थिक प्रणाली को पूरी तरह से स्थापित किये जाने की जरूरत थी। ”इस कर सुधार में 17 करों, 23 उपकरों को एक कर में समाहित कर दिया गया। जब इससे अंतत: लागू किया गया तो इसे सरल और प्रणाली को बेहतर रखने का पूरा प्रयास था। जब इतने बड़े स्तर पर कोई सुधार शुरू किया जाता है तो उसमें कुछ शुरुआती परेशानियां होती हैं, लेकिन इन समस्याओं की न केवल पहचान की गई बल्कि उनका तुरंत समाधान भी किया गया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जीएसटी में भारत के सहयोगात्मक संघवाद का बेहतर स्वरूप सामने आया है। हमने सभी राज्यों को एकजुट किया और सक्रियता के साथ उनके बीच आमसहमति बनाई, जो कि इससे पहले की सरकारें नहीं कर पाईं।

मोदी ने कहा कि इससे पहले उत्पादों पर लगने वाले कई कर छुपे हुये थे लेकिन जीएसटी व्यवस्था ऐसी है कि इसमें आप जो देखते हैं वही आप भुगतान करते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने करीब 400 वस्तुओं के समूह में कर की दर कम की है। करीब 150 वस्तु समूहों पर शून्य दर से जीएसटी रखा गया है। आप यदि देखेंगे तो दैनिक उपभोग वाली ज्यादातर वस्तुओं पर कर की दर वास्तव में कम हुई है। चाहे चावल हो, चीनी हो, मसाले हों अथवा अन्य सामान ज्यादातर मामलों में कर की दर कम हुई है। दैनिक उपभोग का ज्यादातर सामान या तो जीएसटी से बाहर रखा गया है अथवा उस पर पांच प्रतिशत की श्रेणी में रखा गया है। इसके साथ ही 95 प्रतिशत के करीब वस्तुओं को 18 प्रतिशत अथवा इससे कम दर के स्लैब में रखा गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जीएसटी को सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करते हुये इस तरह तैयार किया गया है कि इससे इंस्पेक्टर राज समाप्त हो जाये। रिटर्न दाखिल करने से लेकर रिफंड लेने तक सब कुछ आनलाइन रखा गया है।

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