Bihar Election : उपेंद्र कुशवाहा को चिराग पासवान ने दी सलाह, बोले- NDA में रहकर विपक्ष के नेता से मिलना गलत

लोकसभा चुनाव को लेकर बिहार के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गयी है। विभिन राजनीतिक पार्टीयों के नेताओं के मिलने-जुलने का दौर जारी है। मुलाकात का यह सिलसिला पटना से लेकर दिल्ली तक चल रहा है। इसी क्रम में सोमवार को लोजपा नेता चिराग पासवान भी सीएम नीतीश से मिलने पहुंचे हैं। चिराग बिहार के मुख्यमंत्री सह जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से उनके आवास पर मिलने पहुंचे हैं।

चिराग ने पहले जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर से मुलाकात की उसके बाद अब वे नीतीश कुमार से मुलाकात कर रहे हैं। इस दौरान पूर्व विधायक और नरेंद्र सिंह के पुत्र सुमित सिंह भी सीएम आवास में मौजूद । इस मुलाकात पर कयास लगाया जा रहा है कि सीट शेयरिंग को लेकर ही यह बैठक चल रही है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

इस दौरान चिराग पासवान ने कहा कि सीएम नीतीश से मेरी मुलाकात को सिर्फ छठ पर्व से जोड़ कर देखा जाय। यह संयोग था सुमित सिंह प्रशांत किशोर के साथ थे। साथ ही उन्होंने सीट शेयरिंग के मुद्दे पर दुहराया कि सब कुछ सम्मानजनक तरीके से होगा। उन्होंने कहा की मैं चुनाव जमुई से ही लड़ूंगा। नरेंद्र सिंह के परिवार से हमारा कोई विवाद नही था।

उपेंद्र कुशवाहा पर चिराग ने कहा कि एनडीए में रह कर विपक्ष के नेता से मिलना गलत है। कोई भी बयानं देने से पहले आपस मे बैठक कर बातचीत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उपेंद्र जी का वन वे ट्रैफिक चल रहा है। उन्हें ये सब बात पब्लिक डोमेन में नही रखना चाहिए।

इससे पहले, जदयू उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में 2014 जैसा माहौल नहीं बन सकता है। प्रशांत किशोर ने अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में कहा है कि मुझे नहीं लगता है कि आगामी लोकसभा चुनाव में कोई लहर बन पाएगी। डिजिटल दुनिया ने सबकुछ बदल दिया है। अब लोग सच्चाई के साथ पेश की गई चीजों को देखना चाहते हैं।

इंटरव्यू के दौरान पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए जदयू उपाध्यक्ष ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को 272 से ज्यादा सीटें मिलना मुश्किल है। प्रशांत ने आगे कहा कि इस देश में सत्तर प्रतिशत लोग प्रतिदिन 100 रुपए भी नहीं कमा पा रहे। ऐसे में उनके दिमाग को पढ़ना मुश्किल है। वे जो कहते हैं उसे आप हमेशा सच नहीं मान सकते। यही कारण है कि चुनाव के नतीजे कई बार चौंकाने वाले होते हैं।

जब प्रशांत से पूछा गया कि आप भाजपा की जगह जदयू में क्यों शामिल हुए तो उन्होंने कहा कि मैं बिहार में काम करने के लिए जदयू में शामिल हुआ और नीतीश कुमार के काम को मैं पसंद करता हूं। जदयू एक छोटी पार्टी है। मैं उनकी विचाराधारा से खुद को जुड़ा महसूस करता हूं।

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