खतरा : राजस्थान-मध्यप्रदेश में फिर सक्रिय हुआ मानसून, हो सकती है तेज बारिश

मॉनसून के रफ्तार पकड़ने से मध्यप्रदेश का बड़ा हिस्सा एक बार फिर पानी से तरबतर हो गया है। भोपाल समेत कई जिलों में शुक्रवार से रुक-रुककर बारिश होती रही। इसके चलते पारे में गिरावट दर्ज की गई। वहीं राजस्थान के बारां जिले में शनिवार तड़के भारी बारिश के कारण छत गिरने के कारण दो लड़कियों की मौत हो गई। मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी मध्यप्रदेश और आसपास के क्षेत्र से दक्षिणी उत्तरप्रदेश, हरियाणा और पंजाब तक स्पष्ट चिह्नित कम दवाब का क्षेत्र बना हुआ है। इसके चलते एक बार फिर पूरे प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है।

वहीं हिमालय पर्वत शृंखला से शक्तिशाली पूर्वी हवाएं डेढ़ से लेकर साढ़े तीन किलोमीटर प्रति घंटा की गति से दक्षिण-पूर्वी हवाओं के रूप में उत्तरी और दक्षिण-पूर्वी मध्यप्रदेश में आ रही हैं। इसके कारण प्रदेश में ठंड महसूस हो रही है। प्रदेश के शिवपुरी में पिछले करीब सात दिन से लगातार जारी बारिश से कई क्षेत्र पानी से घिर गए हैं। बघेलखंड क्षेत्र के रीवा, सतना और सीधी में भी भारी बारिश और जगह-जगह जलभराव की खबरें हैं।

राजस्थान के कई जिलों में भी बारिश का दौर जारी है और मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में कम से कम पांच जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि राज्य के धौलपुर, झालावाड़, डूंगरपुर, पाली व करौली में आने वाले 24 घंटे में बहुत भारी बारिश का अनुमान है। इन जिलों में 115.6 से 204.4 मिलीमीटर तक की बारिश हो सकती है। इस बीच बारां जिले में शनिवार तड़के एक घर की छत गिरने के कारण दो लड़कियों की मौत हो गई और उनके चार रिश्तेदार घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि कवाई थाना क्षेत्र के कुंवरपुरा गांव में तड़के तीन बजे यह हादसा हुआ।

बैतरणी नदी खतरे के निशान से ऊपर, अलर्ट जारी
विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) बिष्णुपद सेठी ने शनिवार को बैतरणी नदी के खतरे के निशान से ऊपर बहने पर चार जिला कलेक्टरों को अलर्ट रहने के लिए कहा है। एसआरसी ने क्योंझर, जाजपुर, भद्रक और केंद्रापाड़ा जिलों के कलेक्टरों को जमीनी कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों को अलर्ट करने को कहा है, क्योंकि ऊपरी तराई क्षेत्रों में भारी बारिश से बैतरणी नदी में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। बैतरणी नदी भद्रक के अखुआपाड़ा में खतरे के निशान 17.83 मीटर से ऊपर 18.47 मीटर पर बह रही है। सेठी ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से बचने के लिए ओडिशा त्वरित कार्य बल (ओडीआरएएफ), दमकल सेवा और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) को तैयार रखा गया है।

नगालैंड के बारिश प्रभावित दो जिलों की रिपोर्ट पेश
नगालैंड में अगस्त के मध्य तक बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित फेक और कैफाइर के जिला प्रशासन ने इससे हुए नुकसान और उसकी मरम्मत को आवश्यक निधि के लिए केंद्रीय दल को रिपोर्ट पेश की। अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को कोहिमा में पांच सदस्यीय अंतर मंत्रालयी केंद्रीय दल के सामने यह रिपोर्ट पेश की गई। अभी अन्य जिलों से रिपोर्ट नहीं आई है। यह रिपोर्ट मीडिया को भी उपलब्ध कराई गई।

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