हिमांशु रॉय की सुसाइड से सभी हैरान,आखिर कैसे हुए ब्लड कैंसर के शिकार..

जी हां हम बात कर रहे हैं आईपीएस अफसर हिमांशु रॉय की,जिन्होंने मुंबई में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। खबर थी की कुछ समय पहले उनको ब्लड कैंसर हुआ था। वैसे बताया जा रहा है कि शायद अपनी बीमारी से परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या का कदम उठाया। वो अप्रैल 2016 से मेडिकल लीव पर थे। बाद में उन्होंने लीव एक्सटेंड कर ली थी।

हालांकि इतने बहादुर पुलिस ऑफिसर ने केवल बीमारी से परेशान होकर आात्महत्या कर ली इस बात से हर कोई हैरान हैं। क्योंकि हिमांशु फिटनेस फ्रीक थे। उन्हें जिम जाने का बेहद शौक था। उनके करीबी बताते हैं कि हिमांशु ना तो स्मोक करते थे और ना ही शराब पीते थे। यही नहीं, उनकी डाइट भी फिक्स थी। इसके बावजूद कैंसर होना ताज्जुब की बात है।

बता दें कि हिमांशु रॉय महाराष्ट्र पुलिस में एडीजीपी पद पर तैनात थे। उनके पास एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाड का भी पदभार था। वे 1988 कैडर के आईपीएस अफसर थे। 2013 में उन्होंने आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में विंदु दारा सिंह को अरेस्ट किया था।

यहीं नहीं इसके हिमांशु ने दाऊद के भाई इकबाल कासकर के ड्राइवर आरिफ के गोलीबारी मामला,जे डे मर्डर केस, विजय पालांडे, लैला खान डबल मर्डर केस मामले में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

आईपीएस बनने के बाद उनके करियर की शुरुआत नासिक से हुई। वे नासिक के सबसे युवा एसपी बने। बाद में अहमदनगर में एसपी, फिर डीसीपी इकॉनोमिक विंग, डीसीपी ट्रैफिक, नासिक कमिश्मर पद पर वे रह चुके हैं।
फिर 2009 में वे मुंबई एडिशनल कमिश्नर पद पर तैनात हुए। साइबर सेल, महाराष्ट्र एटीएस जैसे डिपार्टमेंट को भी उन्होंने बखूभी लीड किया।

 

बताया जाता है जब उनके हाथ एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाड की कमान आई तो उन्होंने कई आतंकी संगठनों के राजों को खोला। आलम यह था कि उनके नाम से ही जेल में बंद आतंकी कांप उठते थे।

 

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