बड़ी लापरवाही: सिर में लगी थी चोट, कर दिया पैर का ऑपरेशन

गाजियाबाद के मंडोला के रहने वाले अंकित त्यागी ने बताया कि उनके पिता विजेंद्र त्यागी का 17 अप्रैल को ट्रॉनिका सिटी में ऐक्सिडेंट हो गया था। उन्हें सुश्रुत ट्रामा सेंटर लाया गया था, जिनके सिर में चोट थी और सात टांके लगे थे। गुरुवार को उनकी छुट्टी होनी थी। आरोप है गुरुवार को डॉक्टर विजेंद्र को ऑपरेशन थिएटर ले गए और पैर का ऑपरेशन कर दिया, जबकि ऑपरेशन वीरेंद्र नाम के शख्स का होना था। 

सुश्रुत ट्रॉमा सेंटेर के मेडिकल सुपरिडेंटेंट डॉ. अजय बहल ने कहा कि जिस डॉक्टर से यह गलती हुई है वह सीनियर रेजीड़ेंट हैं। उन्होंने कहा कि विजेंद्र त्यागी के पैर में वजन डालने के लिए पिन डाली गई थी और इंजेक्शन लगाकर सुन्न कर दिया था लेकिन जैसे ही डॉक्टर को अपनी गलती का एहसास हुआ उसने पिन निकाल ली थी।

 

डॉक्टर बहल ने आगे कहा कि इसके बाद भी डॉक्टर जांच में दोषी पाए जाते हैं तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। डॉ. बहल ने बताया कि पीड़ित मरीज ने शनिवार को उनके पास आकर पूरी बात विस्तार से बताई और फिलहाल उनके पैर में कोई दर्द नहीं है, वह ठीक से चल रहे हैं।

पीड़ित विजेंद्र त्यागी के पुत्र ने अंकित ने बताया कि उनके पिता को लगी चोट की वजह से उन्हें छाती और शरीर के दूसरे हिस्सों में दर्द की शिकायत थी लेकिन गैर जरूरी ऑपरेशन के कारण अब वह चलने में असमर्थ में हो गए है। अकिंत ने बताया कि इस मामले में उनके परिवार ने कानूनी सहारा नहीं लेने का फैसला किया है।

ऐसा पहली बार नहीं है जब किसी डॉक्टर ने इस तरह के कारनामें को अंजाम दिया हो इससे पहले भी इस तरह के चौंकाने वाले मामले सामने आते रहे हैं।

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