तमिलनाडु के जंगलों में लगी आग में झुलसकर दस ट्रैकरों की मौत

थेनी की जिला कलेक्टर पल्लवी बलदेव ने बताया कि झुलसे लोगों में 14 की हालत गंभीर है। उन्हें मदुरई के अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि बाकी के घायल थेनी के सरकारी अस्पताल में हैं। वायुसेना के हेलीकॉप्टर नौ शवों को पहाड़ों पर से लाए हैं जबकि एक की मौत रविवार को अस्पताल में हुई थी।

शव पहचान के बाद परिजनों को सौंपे जाएंगे। वायुसेना के हेलीकॉप्टर अभी जंगल के ऊपर गश्त कर रहे हैं और देख रहे हैं कि कोई और व्यक्ति तो आग में नहीं फंसा है। आग को नियंत्रित करने के उपाय भी किए जा रहे हैं।

तमिलनाडु के कुरंगनी हिल्स इलाके के जंगलों में लगी आग में झुलसकर दस ट्रैकरों की मौत हो गई है। 25 महिलाओं और तीन बच्चों समेत कुल 37 लोग ट्रैकिंग के लिए इलाके में आए थे, रविवार को जंगल में लगी आग ने इन्हें चपेट में ले लिया। वायुसेना के कमांडो तमाम प्रयास करके 27 लोगों को बचा पाए। इनमें से दस पूरी तरह से सुरक्षित हैं जबकि 17 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, उनमें 14 की हालत गंभीर है।

मुख्यमंत्री के पलनीस्वामी ने कहा है कि सरकारी अनुमति के बगैर ट्रैकिंग हो रही थी। उन्होंने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। मृतक आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये मिलेंगे।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 40 हजार सदस्यों वाले चेन्नई ट्रेकिंग क्लब (सीटीसी) नाम के ऑनलाइन ग्रुप ने ट्रेकिंग अभियान का आयोजन किया था। इसीलिए इस अभियान दल में 25 महिलाएं थीं। दल में चेन्नई के अलावा इरोड और तिरुपपुर के लोग थे। रविवार दोपहर बाद जंगल में भड़की आग ने इस दल को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे की सूचना मिलने पर रात में कोयंबटूर के निकट स्थित सुलुर के वायुसेना अड्डे से तीन हेलीकॉप्टर भेजे गए। इनमें आपातस्थिति से निपटने में प्रशिक्षित 15 कमांडो थे। इन कमांडो ने कुरंगनी हिल्स पर उतरकर आग में फंसे लोगों को बचाने का कार्य किया।

 

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