सरकार नहीं पैदा करना चाहती नौकरियां, रोजगार के लिए इनका कोई लक्ष्य नहीं…..

इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन की उस रिपोर्ट को लेकर सवाल पूछा गया था, जिसमें आशंका जताई गई थी कि इस साल भारत में 2017 के मुकाबले बेरोजगारों की संख्या में 30 लाख का इजाफा हो जाएगा। 

रोजगार को लेकर मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर है, वहीं केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि रोजगार के अवसर पैदा करने का सरकार का कोई निश्चित लक्ष्य नहीं है। पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्रीय श्रम मंत्री ने यह बात कही। गंगवार ने सदन को संबोधित करते हुए कहा, ‘सरकार की ओर से ऐसा कोई लक्ष्य नहीं है। हालांकि रोजगार के अवसर पैदा करना और नौकरियों में सुधार करना सरकारी की प्रमुख चिंता है।

मंत्री ने कहा कि सरकार ने निजी सेक्टर को प्रोत्साहित करते हुए रोजगार के अवसर पैदा करने के कई कदम उठाए हैं। मनरेगा और दीनदयाल ग्रामीण कौशल्य योजना जैसी स्कीमों के बारे में बताते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार इनके जरिए रोजगार मुहैया कराने और कौशल प्रदान करने का काम कर रही है। इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन की उस रिपोर्ट को लेकर सवाल पूछा गया था, जिसमें आशंका जताई गई थी कि इस साल भारत में 2017 के मुकाबले बेरोजगारों की संख्या में 30 लाख का इजाफा हो जाएगा।

आईएलओ की रिपोर्ट ‘वर्ल्ड एंप्लॉयमेंट ऐंड सोशल आउटलुक ट्रेंड्स- 2018’ में कहा गया है कि 2018 में भारत में 18.6 मिलियन यानी 1 करोड़ 86 लाख लोग बेरोजगार होंगे, 2017 में यह आंकड़ा 18.3 मिलियन ही था। यही नहीं 2019 तक इस आंकड़े के 18.9 तक पहुंचने की भी आशंका जताई गई है। रिपोर्ट का कहना है कि इस दौरान देश में बेरोजगारी का आंकड़ा 3.5 फीसदी के आसपास बना रह सकता है।

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