मिलिए देश की सबसे अनोखी महिला सरपंच से, इनके काम करने का तरीका ऐसा है जानकर हैरान रह जाएंगे

इस समय देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव 2018 हो रहे हैं। राजस्थान में सात दिसम्बर को मतदान व 11 दिसम्बर को मतगणना है। चुनाव के बाद जीते हुए प्रत्याशी पुराने विधायकों को दरकिनार कर देते हैं, मगर आज आपको मिलवाते हैं एक ऐसी महिला सरपंच से जो गांव के विकास का फैसला सात पुराने सरपंचों के साथ राय मशविरा करके लेती हैं। अपनी इसी खासियत की वजह से यह महिला सरपंच देश के सबसे अनूठे सरपंचों में से एक है।

पत्रिका की रिपोर्ट के अनुसार, इस महिला सरपंच का नाम किरण देवी है। यह वर्तमान में राजस्थान के सीकर जिले के झीगर छोटी की सरपंच हैं।झीगर छोटी में वर्ष 1960 से लेकर अब तक चुने गए सरपंचों में से सात पुराने सरपंच जिंदा है। खास बात यह है कि झीगर छोटी गांव का फैसला अकेली किरण देवी नहीं करती।किसी भी खास फैसले से पहले किरण गांव के सात पुराने सरपंचों की राय लेती है।सात पुराने सरपंचों के साथ गांव के विकास पर किरण देवी को चर्चा करते अक्सर देखा जाता है।

ऐसे में झीगर छोटी संभवतया पहला गांव जहां इतनी संख्या में वर्तमान व पूर्व सरपंच एक साथ बैठते हैं। 32 वर्षीय सरपंच किरण देवी 89 साल के सबसे उम्र दराज पूर्व सरपंच मांगीलाल तक की राय लेती हैं।यही वजह है कि पिछले लम्बे समय से झीगर छोटी में कभी सौहार्द नहीं बिगड़ा।

गांव झीगर छोटी के महिपाल छब्बरवाल, मनोज सेवदा, मनोज जैन, दिनेश सेवदा, राजेन्द्र छबरवाल, विनोद छब्बरवाल व आदित्य झीगर आदि का कहना है कि वे पूर्व सरपंचों व वर्तमान सरपंच को अभी तक अपने बीच पाकर खासे उत्साहित हैं। झीगर छोटी में पंचायत चुनाव 1960 होने शुरू हुए थे। मोतीराम ओला, नथमल जैन, मांगीलाल, ओमप्रकाश झीगर, कमला देवी, बीरबल सिंह, सुखदेवाराम और इनके बाद किरण देवी सरपंच बनी। एमए, बीएड किरण ने बताया कि गांव की किसी भी समस्या को सुलझाने के लिए वे सभी पूर्व सरपंचों का सहयोग लेती हंै। खास बात यह है कि सब बुजुर्ग पूर्व सरपंच मिलकर उसका मार्ग दर्शन करते हैं।

Facebook Comments