मिताली को बाहर रखने पर भड़की मैनेजर, कहा- हरमनप्रीत झूठी और अनडिजर्विंग कप्तान

भारत और इंग्लैंड के बीच आज आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल खेला गया। इस मैच में भारत को इंग्लैंड ने 8 विकेट से हराकर फाइनल में जगह बनाई और भारत का वर्ल्ड कप जीतने का सपना तोड़ दिया। भारत को मिली इस हार के बाद हर कोई टीम में मिताली राज को ना खिलाने पर सवाल कर रहा था।

सेमीफाइनल जैसे अहम पड़ाव पर मिताली जैसी अनुभवी खिलाड़ी को ना खिलाना टीम को भारी पड़ा। इसके बाद भारतीय महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने सफाई दी थी कि उन्हें मिताली को टीम से बाहर रखने का कोई मलाल नहीं है। उन्होंने साथ ही यह भी कहा था कि यह फैसला टीम के लिए लिया गया था।

लेकिन अब मिताली राज की मैनेजर अनिशा गुप्ता ने ट्विट कर हरमनप्रीत कौर को लताड़ लगाई है। अनिशा ने हरमनप्रीत को झूठा और अनडिजर्विंग कप्तान भी बताया है। अनिशा ने अपने ट्विट में लिखा “दुर्भाग्य से बीसीसीआई का मानना है कि यह राजनीति नहीं है। भारत बनाम आयरलैंड का मैच गवाह है मिताली राज का अनुभव क्या कर सकता है। लेकिन हरमनप्रीत ने वही किया जो उसे करना है। हरमनप्रीत  एक मैन्यूपुलेटिव, झूठी, नादान, अनडिजर्विंग कप्तान है।”हालांकि, इस ट्वीट के कुछ ही देर बाद उनका अकाउंट डिलीट हो गया। लेकिन अनीशा ने espncricinfo से अपने ट्वीट की पुष्टि की है।  टॉस होने के बाद जब प्लेइंग इलेवन आया तो सभी की नजरें मिताली के नाम पर टिकीं थी लेकिन प्लेइंग इलेवन में मिताली का नाम नहीं देखकर कई दिग्गजों ने मैनेजमेंट और कोच रमेश पोवार के फैसले पर सवाल खड़े किए. वही मैच के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर के इस तरह के बयान से स्थिति और खराब हो गई है।

मांजरेकर और नासिर हुसैन ने भी उठाए सवाल
सेमीफाइनल मुकाबले के लिए जब टॉस के दौरान टीम में बदलाव के बारे में पूछा गया तो हरमन ने कहा, ‘यह मिताली के चयन की बात नहीं है, यह विजयी संयोजन को बनाए रखना है।’ हालांकि, हार के बाद डगआउट में बैठी मायूस मिताली का चेहरा पूरी कहानी कह रहा था। हरमनप्रीत ने इस बारे में इस फैसले पर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन और पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने कॉमेंट्री करते हुए सवाल उठाए, लेकिन हरमनप्रीत ने अपने निर्णय का बचाव किया।
हरमन ने किया फैसले का बचाव
हरमनप्रीत ने मैच के बाद कहा, ‘हमने जो भी फैसला किया वह टीम के हित में किया। कई बार यह सही रहता है और कई बार नहीं। इसका खेद नहीं है। हमारी टीम ने पूरे टूर्नमेंट में जिस तरह से बल्लेबाजी की उस पर मुझे गर्व है।’ मिताली के स्ट्राइक रेट पर हमेशा सवाल उठाए जाते रहे हैं लेकिन तानिया भाटिया भी तेजी से रन नहीं बना पा रही थी और वेदा कृष्णमूर्ति अच्छी फॉर्म में नहीं चल रही थी और ऐसे में एक अनुभवी बल्लेबाज को बाहर रखना भारत पर भारी पड़ गया।

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