300 से ज्यादा पादरियों ने करीब एक हजार बच्चों के साथ किया ‘मुंह काला’: रिपोर्ट

पेन्सिलवेनिया सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कैथलिक चर्च के पादरियों द्वारा किए गए यौन शोषण पर ग्रैंड ज्यूरी रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 300 से ज्यादा पादरियों ने बीते 70 सालों में एक हजार से ज्यादा बच्चों का यौन शोषण किया। यही नहीं, रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि चर्चों ने पादरियों के इन गुनाहों पर पर्दा डालने की कोशिश की।

स्टेट अटॉर्नी जनरल जोश शैपिरो ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि रिपोर्ट में 1000 से ज्यादा पीड़ितों की पहचान की गई है लेकिन ग्रैंड जूरी को विश्वास है कि यह संख्या और ज्यादा है।

‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ के मुताबिक, अमेरिका के कैथलिक चर्चों में यौन शोषण पर यह अब तक की सबसे बड़ी जांच रिपोर्ट है। 18 महीने तक चली इस जांच का नेतृत्व अटॉर्नी जनरल जोश शैपिरो कर रहे थे। उनके साथ हैरिसबर्ग, पीट्सबर्ग, ऐलेनटाउन, स्क्रैनटन, एरी और ग्रीन्सबर्ग जिलों के भी अधिकारी शामिल थे।

1400 पन्नों की इस रिपोर्ट में पाया गया है कि पेन्सिलवेनिया और वैटिकन में चर्च के वरिष्ठ अधिकारियों ने इन यौन शोषण के मामलों को व्यवस्थित तरीके से छिपाने की कोशिश की। शैपिरो ने कहा, ‘इन मामलों को छिपाने का परिणाम यह रहा कि अब ये मुकदमा चलाने के लिए भी बहुत पुराने हो गए हैं।’

रिपोर्ट के मुताबिक, पादरियों ने लड़के और लड़कियों दोनों का शोषण किया। रिपोर्ट में दिए एक उदाहरण के मुताबिक, ऐलनटाउन जिले में एक पादरी से जब यौन शोषण की शिकायत पर पूछताछ की गई तो उन्होंने एक लड़के के शोषण करने की बात कबूली और कहा, ‘कृपया मेरी मदद कीजिए।’

रिपोर्ट के मुताबिक एक अन्य मामले में पादरी ने 9 साल के लड़के को ओरल सेक्स करने को विवश किया और उसके बाद उसका मुंह ‘पवित्र पानी’ से धो दिया। एक अन्य पादरी ने दशकों पहले एक लड़की से बलात्कार की बात कबूली। पादरी के मुताबिक, पीड़ित लड़की उस समय 7 साल की थी और अस्पताल में टॉन्सिल्स का इलाज करवाने के लिए भर्ती थी।

दर्जनों पादरियों ने रिपोर्ट को जारी करने से रोकने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया ताकि रिपोर्ट से उनके नाम या ऐसी कोई भी जानकारी हटा दी जाए जिससे उनकी पहचान हो सके। इन पादरियों का दावा है कि अगर रिपोर्ट में उनके नाम जाहिर हो गए तो इससे उनकी छवि को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचेगा।

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