अच्छी नींद की कमी से पार्किंसंस का खतरा

क्या आपको अच्छी नींद की कमी खलती है और रात में सोते वक्त लात मारने की आदत है? अगर ऐसा है तो सावधान हो जाइए, एक रिसर्च चौंकाने वाला खुलासा हुआ है.

क्या कहती है रिसर्च-
रिसर्च के मुताबिक, विशेषकर पुरुषों में यह संकेत पार्किंसंस रोग से जुड़े एक विकर का संकेत हो सकता है. आंखों को जल्दी-जल्दी मीचने की आदत अक्सर 50 से 70 वर्ष आयु वर्ग के व्यक्तियों को प्रभावित करता है और महिलाओं की तुलना में ऐसा पुरुषों में अधिक पाया जाता है. यह नींद आने में दिक्कत के कारण होती है.

जबकि स्वस्थ लोग चैन को नींद सोते हैं तो वहीं आरबीडी (REM Sleep Behavior Disorder) से पीड़ित लोग अपने सपनों में जीवित रहते हैं और नींद के दौरान हाथ-पैर चलाते रहते हैं और चिल्लाते हैं.

पार्किंसंस रोग का कारण-
न्यूरोलॉजी की पत्रिका ‘द लांसेट’ में प्रकाशित शोध रिपोर्ट से पता चला है कि आरबीडी वाले पुरुषों में डोपामाइन की कमी होती है. डोपामाइन ब्रेन में एक केमिकल है, जो भावनाओं, गतिविधियों, खुशी और दर्द की उत्तेजनाओं को प्रभावित करता है.
उम्र बढ़ने के साथ-साथ पार्किंसंस रोग के विकसित होने का जोखिम बढ़ता चला जाता है. मस्तिष्क में तंत्रिका कोशिकाओं का समूह जो डोपमाइन को बनाता है, काम करना बंद कर देता है, जिस कारण पार्किंसंस रोग होता है.

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