आप भी अगर नींद न आने की वजह से हैं परेशान तो पढ़ें ये खबर…

दिल्ली स्थित सर गंगाराम अस्पताल के डॉक्टर संजय मनचंदा कहते हैं- ‘नींद को दिनभर के कामों से मुक्ति मिलने के तौर पर नहीं देखा जा सकता। बल्कि यह बेहद जरूरी और जिंदगी का खास अंग है।’ उन्होंने बताया कि स्लीप डिसऑर्डर खासकर नींद में सांस का अचानक कुछ देर के लिए बंद होना एक साइलेंट किलर की तरह है। यह अकेले नहीं आता, इसके साथ दिल की बीमारी, डायबटीज और हाइपरटेंशन भी आते हैं।

‘मुझे नींद न आए…, मुझे न चैन आए’ और ‘नींद नहीं आए, दिल में कोई समाए’ जैसे फिल्मी गीत तो आपने सुने ही होंगे। क्या आपकी रातें भी आंखों-आंखों में गुजरती हैं? क्या ऐसे गाने आपकी जिंदगी की हकीकत बन गए हैं? अगर ऐसा है तो यह एक बड़ी समस्या है और यकीन मानिए आप ऐसे अकेले इंसान नहीं हैं, जिन्हें यह परेशानी है। अब आप सोच रहे होंगे कि हम आज आपसे नींद की बात क्यों कर रहे हैं?

पिछले दिनों ग्लोबल फिलिप्स सर्वे सामने आया है। भारत में इसे हेल्थ टेक्नोलॉजी कंपनी फिलिप्स ने जारी किया है। इस सर्वे रिपोर्ट में इस बात को रेखांकित किया गया है कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए अच्छी नींद भी बेहद जरूरी है। उम्मीद की जाती है कि यह सर्वे जागरुकता बढ़ाने में मदद करेगा। इससे सेहत के एक अहम पहलू यानी नींद के प्रति लोगों का नजरिया बदलेगा और इस क्षेत्र में इनोवेशन भी बढ़ेंगे। इस सर्वे की थीम ही है- बेटर स्लीप, बेटर हेल्थ। यानी आप अच्छी नींद लेंगे तो आपकी सेहत भी अच्छी रहेगी।

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