अखिलेश का बंगले में तोड़फोड़ के आरोपों पर नया दांव, नाम बताओ, 11 लाख ले जाओ

उत्तर प्रदेश में पूर्व सीएम अखिलेश यादव के सरकारी बंगले पर चल रहा सियासी घमासान जारी है। पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर आबंटित सरकारी बंगले में अवैध निर्माण और तोड़फोड़ कराने के आरोपों से घिरे एसपी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को तोड़फोड़ के जिम्मेदार लोगों पर 11 लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया। अखिलेश ने ‘छोटे लोहिया‘ के नाम से मशहूर रहे समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्र की जयंती पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में यह ऐलान किया।

अखिलेश यादव ने कहा कि उनके सरकारी बंगला खाली करने के बाद रात में कुछ लोग हथौड़े और कुदाल लेकर वहां गए थे। उन्होंने कहा ‘जिस तरह पुलिस इनाम घोषित करती है…हम पत्रकार साथियों से कहेंगे कि उस रात कुछ चैनल के लोग भी कैमरा लेकर वहां गए थे। आप तोड़फोड़ करने वालों के नाम बता दो, हम समाजवादी लोग दो-दो हजार रुपये इकट्ठा करके 11 लाख रुपये का इनाम दे देंगे।’

अखिलेश यादव को लखनऊ में 4 विक्रमादित्य मार्ग पर आबंटित बंगला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद खाली करना पड़ा था। अगले दिन मीडिया की जब बंगले में एंट्री हुई, तो उसमें तोड़फोड़ की तस्वीरें सामने आई थीं। इसे लेकर अखिलेश पर आरोप लगाए गए थे। लोक निर्माण विभाग द्वारा हाल में पेश की गई जांच रिपोर्ट में बंगले में करीब साढ़े चार करोड़ रुपये का अवैध निर्माण कराए जाने का जिक्र किया गया है। हालांकि समाजवादी पार्टी ने इन आरोपों को गलत बताते हुए इसे अखिलेश को बदनाम करने की साजिश करार दिया है।

अखिलेश ने कार्यक्रम में कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कभी-कभी आरक्षण की बात करते हैं। हमें इसकी खुशी है लेकिन आप हमारे बीच नफरत फैलाते हैं। सवाल यह है कि हमारे निषाद, बाथम, केवट इत्यादि समाज के लोगों को कुछ नहीं मिला। हम चाहते हैं कि इन पिछड़ी जातियों को आबादी के हिसाब से अधिकार दे दिया जाए।’

बता दें कि लोक निर्माण विभाग ने पूर्व सीएम अखिलेश यादव के सरकारी बंगले की जांच रिपोर्ट गत बुधवार को राज्य सम्पत्ति विभाग को सौंप दी थी। विभाग द्वारा सीएम दफ्तर को भेजी गई रिपोर्ट में पीडब्ल्यूडी के इंजिनियरों ने तोड़-फोड़ के कारण करीब 10 लाख रुपये के नुकसान का आकलन किया था। राज्य सम्पत्ति विभाग पूर्व सीएम को रिकवरी नोटिस देने की तैयारी कर रहा है।

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