आसाराम भक्तों को सिर्फ इसलिए पिलाता था केले की जड़ का रस

धर्म और आस्था के नाम पर आसाराम कई सालों तक पांखड की दुकाना चलाता रहा। लेकिन नाबालिग रेप में बुरी तरह फंसने के बाद उसके काले कारनामों की पोल खुलती जा रही है। जुबान पर ब्रह्म बोल और चमकते सफेद लिबास के चलते आसाराम अपने भक्तों के बीच भगवान बन बैठा। लेकिन उसकी नजरें हमेशा सीधी साधी लड़कियों पर बनी रहती थी।

मीडिया खबरों के अनुसार, आसाराम कथा कार्यक्रम के दौरान चमगादड़ का काजल लगाकर लड़कियों को सम्मोहित करता था। इसके अलावा एक-दो-तीन उंगली उठाकर इशारा भी करता था। लेकिन असली चेहरे की सच्चाई सामने आते ही आसाराम सलाखों के पीछे पहुंच गया।

आसाराम दो साधकों को कभी एक साथ नहीं रहने देता था, ताकि उसकी सच्चाई का भंडाफोड़ ना हो जाए। आसाराम ने उम्र के हिसाब से साधकों को काम बांट रखे थे। जवान और नए साधक धर्म-कर्म का काम करते थे, जबकि पुराने साधकों के जिम्मे लड़कियों को फंसाने का काम मिलता था।

रेप आरोपी नाबालिग पीड़िता के पिता का कहना है कि आसाराम अपने अधिकांश लोगों को केल की जड़ का रस पिलाता था, ताकि उनकी मर्दाना ताकत कमजोर हो जाए। आसाराम का यह नकली चेहरा कुछ ही सालों में देश के सामने उजागर हो गया।

Third party image reference

आसाराम के एक पूर्व साधक के अनुसार, उसकी कुटिया में अधर्म का पाखंड चलता है। आसाराम के जेल के बाद एक पुराने साधक का कहना है कि आसाराम ऐसा घिनौना काम 20 सालों से करते आ रहे हैं। पुराने साधकों का आरोप है कि आसाराम का बेटा नारायण साईं अपनी कुटिया में वह सब कुछ करता है जिसके लिए धर्म में कही भी स्थान नहीं है।

Facebook Comments