फेकू का चोचला : PM मोदी ने शहीद भारतीय सैनिकों को ऐसे किया याद

प्रथम विश्व युद्ध के अंत के 100 साल पूरे होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने फ्रांस दौरे के दौरान वर्ल्ड वॉर मेमोरियल जाने की तस्वीरें सांझा कीं। बता दें कि मोदी अपने फ्रांस दौरे के दौरान नव शैपल में प्रथम विश्‍व युद्ध स्‍मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की, यह स्‍मारक प्रथम विश्‍व युद्ध के दौरान फ्रांस और बेल्जियम में हुई लड़ाइयों में प्राण न्‍यौछावर करने वाले करीब 4700 भारतीय सैनिकों के सम्‍मान में बनाया गया है। इसके साथ ही मोदी ने तीन मूर्ति चौक की तस्वीरें भी शेयर की हैं। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अपनी पत्नी  सारा नेतन्याहू के साथ इसी साल जनवरी में भारत दौरे पर आए थे तो उन्होंने तीन मूर्ति स्मारक पर भारतीय सेना के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की थी।

तीन मूर्ति का इजराइल से गहरा संबंध है, यही वजह है कि इसका नाम बदलकर तीन मूर्ति हाइफा चौक कर दिया गया है। बता दें कि प्रथम विश्व युद्ध के दौरान (1914-1918) भारतीय सैनिकों ने अप्रतिम साहस का परिचय देते हुए इजराइल के हाइफा शहर को आजाद कराया था। भारतीय सैनिकों की टुकड़ी ने तुर्क साम्राज्य और जर्मनी के सैनिकों से मुकाबला किया था। भारतीय सैनिकों ने सिर्फ भाले, तलवारों और घोड़ों के सहारे ही जर्मनी-तुर्की की मशीनगन से लैस सेना को धूल चटाई थी। इस युद्ध में भारत के 44 सैनिक शहीद हुए थे।

उल्लेखनीय है कि दुनिया भर के कई नेता आज प्रथम विश्व युद्ध के 100 साल पूरे होने पर पेरिस में वैश्विक स्मृति समारोह में शिरकत करेंगे। दुनिया के बड़े नेताओं का यह जमावड़ा बढ़ते राष्ट्रवाद और कूटनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में हो रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन सहित दुनिया के करीब 70 नेता 1918 में हुए युद्धविराम समझौते की शताब्दी पर फ्रांस की राजधानी में एकत्र हो रहे हैं। ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेसा मे और महारानी एलिजाबेथ द्वितीय लंदन में इसी संबंध में आयोजित एक अन्य समारोह में हिस्सा लेंगी। वहीं न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया अपने स्तर पर इस संबंध में आयोजन कर रहे हैं। पेरिस में यह आयोजन ‘आर्क दे ट्रायम्फ’ के नीचे बने अनाम सैनिकों के कब्रों के पास होगा। इसमें आधुनिक काल में राष्ट्रवाद के खतरों के प्रति चेतावनियों के संबंध में बात होने की संभावना है।

Facebook Comments